सीजी भास्कर, 7 जनवरी। दुर्ग जिले के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) टाउनशिप क्षेत्र में एक ठेका श्रमिक गंभीर रूप से घायल (Bhilai Steel Plant Accident) हो गया, जिसके बाद प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। ललित कुमार चंद्राकर (Gram Chandkhuri) पिछले 12 साल से बीएसपी टाउनशिप में ठेका श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं।
घटना का विवरण
3 सितंबर 2025 को सेक्टर-06, जगदंबा मंदिर के पास ठेकेदार शंकर दयाल सिंह ने ललित कुमार को बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट और गमबूट के झुके हुए पोल पर काम करने के लिए मजबूर किया। ललित ने मना किया, लेकिन दबाव डालकर उन्हें पोल पर चढ़ा दिया गया। काम के दौरान पोल को क्रेन से टिकाकर रस्सी से खींचा जा रहा था। इसी दौरान झूला खिसक गया और ललित लगभग 15 फीट नीचे गिर गए। गिरने से उनके दाहिने हाथ, पैर और रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हुए।
इलाज और मुआवजा
ललित को पहले सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई में भर्ती (Bhilai Steel Plant Accident) किया गया, प्राथमिक उपचार के बाद ईएसआईसी अस्पताल और हाइटेक अस्पताल रेफर किया गया। पीड़ित का आरोप है कि प्रबंधन ने इलाज में लापरवाही की और मुआवजा देने का वादा करके कोई मदद नहीं दी। चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो मुआवजा मिला और न ही कोई सहायता। ललित कुमार ने अपने खर्च से लगभग एक लाख रुपये इलाज पर खर्च किए।
पुलिस कार्रवाई
दुर्ग SP को दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएसपी प्रबंधक राजकिशोर, दिलीप राणे, टिकेंद्र ठाकुर, अशोक साहू, महिपाल देशमुख और ठेकेदार शंकर दयाल सिंह के खिलाफ धारा 289, 125(बी) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ जांच जारी है और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन, मुआवजा न देने और श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना उद्योग क्षेत्र में श्रमिक सुरक्षा और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से न केवल श्रमिकों की जान खतरे में आती है बल्कि कंपनी की प्रतिष्ठा और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी असर पड़ता है।





