सीजी भास्कर, 8 जनवरी। राजधानी रायपुर के राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत अमलीडीह स्थित मारुति रेसिडेंसी में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना (Police Custody Suicide Case) सामने आई, जहां 18 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवती ने यह कदम उस समय उठाया, जब पुलिस उसकी मां को पूछताछ के लिए थाना लेकर गई थी। घटना के बाद स्वजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
अमलीडीह स्थित मारुति रेसिडेंसी निवासी अमीना पटेल (18) ने बुधवार दोपहर लगभग डेढ़ से पौने दो बजे के बीच अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया गया कि पुलिस द्वारा मां को थाने ले जाने की घटना (Police Custody Suicide Case) से वह मानसिक रूप से अत्यंत घबरा गई थी।
पुलिस के अनुसार मृतका के पिता महेंद्र पटेल के विरुद्ध वर्ष 2022 में मंदिर हसौद थाना में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत अपराध दर्ज है। मामले में न्यायालय द्वारा अब तक चार बार वारंट जारी किए जा चुके हैं, लेकिन प्रत्येक बार नोटिस मिलने के बाद आरोपी फरार हो जाता था और आज तक पुलिस की पकड़ से बाहर है।
इसी प्रकरण में आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाने के उद्देश्य से मंदिर हसौद पुलिस महेंद्र पटेल की पत्नी खिली पटेल को महिला थाना लेकर गई थी। बताया जा रहा है कि मां को पुलिस द्वारा साथ ले जाने की स्थिति ने अमीना को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया। पुलिस के जाने के कुछ ही समय बाद उसने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली।
न्यूज बॉक्स : पड़ोसियों ने तोड़ा दरवाजा
घटना की जानकारी मिलते ही पड़ोसियों ने तत्काल कमरे का दरवाजा तोड़ा और अमीना को फंदे से नीचे उतारकर मेडिशाइन अस्पताल पहुंचाया। वहां मौजूद चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अमीना अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, वहीं परिजन पुलिस की भूमिका को लेकर असंतोष जता रहे हैं। (Police Custody Suicide Case) ने एक बार फिर कानून प्रवर्तन और मानवीय संवेदनशीलता के संतुलन पर गंभीर बहस खड़ी कर दी है।





