सीजी भास्कर, 8 जनवरी। साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (SECL) की दीपका खदान (Deepka Coal Mine Blasting Accident) में हुए हैवी ब्लास्टिंग के दौरान उछले पत्थर ने 55 वर्षीय ग्रामीण लखनलाल पटेल (Lakhna Lal Patel Accident) की मौत कर दी। लखनलाल हरदीबाजार से पैदल घर लौट रहे थे, तभी खदान से छोड़े गए पत्थर ने उनके सिर पर सीधा आघात किया। इतने तेज प्रभाव के कारण उन्हें तत्काल उपचार का भी अवसर नहीं मिल सका।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्रित हो गए। खदान प्रबंधन (SECL Deepka Mine Management) के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने शव को अस्पताल से जबरदस्ती उठा कर वापस घटनास्थल ले गए और विरोध प्रदर्शन (Blasting Protest Coal Mine) शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने के प्रयास विफल रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि खदान प्रबंधन ने बार-बार चेतावनी देने के बावजूद मानक से अधिक बारूद (Excess Explosive Usage Blasting) का प्रयोग करते हुए ब्लास्टिंग की। इससे लखनलाल की जान चली गई। उन्होंने बताया कि लंबे समय से स्थानीय लोग हैवी ब्लास्टिंग बंद करने की मांग कर रहे थे, पर प्रबंधन ने उनकी बात नहीं सुनी।
घटना के समय लखनलाल ग्राम सुआभोड़ी से गुजर रहे थे। अचानक खदान के सुआभोड़ी फेस में हैवी ब्लास्टिंग हुई। उछला पत्थर सीधे उनके सिर पर गिरा और सड़क पर ही गिरकर वे मौके पर ही अचेत हो गए। राहगीरों ने तुरंत उन्हें हरदीबाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (Hardibazar PHC) ले जाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृत्यु की घटना से ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया। उन्होंने खदान प्रबंधन पर आरोप लगाया कि उन्होंने निर्धारित सुरक्षा मानक (Coal Mine Safety Standards) का उल्लंघन किया। मौके पर मौजूद अनुविभागीय अधिकारी पाली रोहित कुमार, तहसीलदार हरदीबाजार अभिजीत, तथा थाना प्रभारी हरदीबाजार प्रमोद डडसेना और कुसमुंडा मृत्युजंय पांडेय ने समझाने का प्रयास किया। हालांकि, ग्रामीणों ने किसी की नहीं सुनी और शव को घटनास्थल पर ले जाकर प्रदर्शन जारी रखा।
प्रदर्शन के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण वार्ता करने की कोशिश की, लेकिन स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। इस हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा मानकों और खतरनाक ब्लास्टिंग के नियमों की अनदेखी को उजागर किया। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएँ और हैवी ब्लास्टिंग को नियंत्रित किया जाए।
घटना ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया कि खदान प्रबंधन की लापरवाही और बारूद का अत्यधिक इस्तेमाल किस हद तक स्थानीय लोगों के जीवन के लिए खतरा बन सकता है। प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि घटना की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।





