सीजी भास्कर, 08 जनवरी | छत्तीसगढ़ में 9 से 13 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी को लेकर चल रहा विवाद अब सीधे हाईकोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया है। इस मामले में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राज्य परिषद का वैधानिक अध्यक्ष बताते हुए जंबूरी आयोजन को स्थगित करने की घोषणा की है और इसके खिलाफ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका दाखिल होते ही राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
हाईकोर्ट में प्रस्तुत याचिका में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दावा किया है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव पूरी तरह असंवैधानिक और एकतरफा है। उनका कहना है कि न तो उन्हें किसी प्रकार की पूर्व सूचना (National Rover Ranger Jamboree) दी गई और न ही अपना पक्ष रखने या सुनवाई का अवसर दिया गया। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि सांसद होने के साथ-साथ वे राज्य परिषद के वैधानिक अध्यक्ष हैं और इसी हैसियत से उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी आयोजन से जुड़ी बैठक भी बुलाई थी।
दरअसल, इस पूरे विवाद के केंद्र में स्काउट गाइड संगठन के अध्यक्ष पद को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री Gajendra Yadav के बीच टकराव है। दोनों ही नेता स्वयं को संगठन का अध्यक्ष बता रहे हैं, जिसके चलते आयोजन की वैधता, निर्णय लेने के अधिकार और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी खींचतान के बीच जंबूरी आयोजन को लेकर भ्रम की स्थिति लगातार गहराती चली गई।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने जंबूरी आयोजन में करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि इसी वजह से उन्होंने आयोजन को रद्द करने का निर्णय (National Rover Ranger Jamboree) लिया। याचिका में यह भी कहा गया है कि जंबूरी का आयोजन मूल रूप से नवा रायपुर में प्रस्तावित था, लेकिन बिना वैधानिक प्रक्रिया और अध्यक्ष की अनुमति के इसे बालोद जिले में स्थानांतरित कर दिया गया, जो नियमों के खिलाफ है।
विवाद की जड़ 13 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश को बताया जा रहा है, जिसे स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के खेमे से मीडिया को जारी किया गया था। इस आदेश में मंत्री को स्काउट्स एंड गाइड्स का पदेन अध्यक्ष बताया गया, जिसके बाद से ही संगठन के भीतर अधिकारों और जिम्मेदारियों को लेकर टकराव खुलकर सामने आ गया।
इस बीच राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद में ही आयोजित (National Rover Ranger Jamboree) की जाएगी। सरकार का कहना है कि आयोजन की सभी तैयारियां तय समय-सारिणी के अनुसार पूरी की जा रही हैं और कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
मामला अब हाईकोर्ट में पहुंचने के बाद पूरी तरह कानूनी मोड़ ले चुका है। ऐसे में सभी की नजरें अदालत के फैसले पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि स्काउट गाइड संगठन का वैधानिक अध्यक्ष कौन है और राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का भविष्य किस दिशा में जाएगा।





