सीजी भास्कर, 9 जनवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने संस्थागत स्वच्छता (Sanitation Initiative) को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत की है। आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य संस्थागत स्वच्छता को स्थायी और प्रभावी बनाना है।
‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे (Sanitation Initiative)। यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य और स्वच्छता के स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि यह सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम भी है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है, और योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा (Sanitation Initiative)।
स्वच्छता प्रहरी (Sanitation Initiative) निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा ।
इस पहल से न केवल संस्थागत स्वच्छता का स्तर सुधरेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को रोजगार और समाज में योगदान देने का अवसर भी मिलेगा। यह कदम राज्य सरकार की ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सुधार नीति का एक प्रभावी हिस्सा है ।


