सीजी भास्कर, 13 जनवरी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान (Narayanpur Naxal Dump Recovered) के तहत सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम ने कोहकामेटा थाना क्षेत्र के अंदरूनी, दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में चलाए गए सघन सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में नक्सल डंप बरामद किया है। बरामद डंप में हथियार, विस्फोटक सामग्री के साथ-साथ नक्सलियों के उपयोग में आने वाली दवाइयों की बड़ी खेप शामिल है, जिसे सुरक्षा बलों ने मौके से जब्त कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह पूरी कार्रवाई ग्रामीणों से प्राप्त पुख्ता और विश्वसनीय सूचना के आधार पर की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों, उनके मूवमेंट और डंप (Narayanpur Naxal Dump Recovered) की जानकारी सुरक्षा बलों तक पहुंचाई थी। सूचना मिलने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में डीआरजी और आईटीबीपी की संयुक्त टीम का गठन किया गया और इलाके में योजनाबद्ध तरीके से सर्च अभियान शुरू किया गया। कई घंटे चले सघन अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को नक्सल डंप तक पहुंचने में सफलता मिली।
यह कार्रवाई थाना कोहकामेटा क्षेत्र अंतर्गत मन्दोड़ा नवीन सुरक्षा एवं जन सुविधा कैंप के आसपास के जंगल, पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में की गई। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जमीन में छिपाकर और सुरक्षित स्थानों पर रखे गए हथियार, विस्फोटक सामग्री, दवाइयां और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री बरामद की। बरामद सभी सामग्री को विधिवत जब्त कर लिया गया है और नक्सलियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस
नारायणपुर (Narayanpur Naxal Dump Recovered) पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले को नक्सल मुक्त, शांत, सुरक्षित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से लगातार निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जिले में नक्सल विरोधी “माड़ बचाओ अभियान” के अंतिम चरण को पूरी गंभीरता के साथ संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत नक्सलियों के ठिकानों, डंप और उनके सप्लाई नेटवर्क को तोड़ने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि शासन और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों, जन सुविधा कैंपों की स्थापना और लगातार संवाद से ग्रामीणों का भरोसा अब प्रशासन पर मजबूत हुआ है। इसी भरोसे के कारण ग्रामीण नक्सल गतिविधियों, नक्सल समर्थकों और उनके डंप से जुड़ी सूचनाएं सुरक्षा बलों को उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे नक्सलियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है।
गांवों को नियद नेल्लानार योजना से जोड़ा जा रहा
पुलिस एवं प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से सुरक्षा कैंप के आसपास के गांवों को नियद नेल्लानार योजना से जोड़ा जा रहा है। इन गांवों में बिजली, पेयजल, सड़क, स्कूल, आंगनबाड़ी, राशन दुकान और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य जनजीवन बहाल हो रहा है और विकास की मुख्यधारा से गांव जुड़ते जा रहे हैं।





