सीजी भास्कर, 14 जनवरी। अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए अच्छी खबर (Indian Passport Power 2026) सामने आई है। Henley Passport Index 2026 की ताजा रिपोर्ट में भारतीय पासपोर्ट की ताकत में इजाफा दर्ज किया गया है। इस साल भारत की रैंकिंग में सुधार हुआ है और अब भारतीय नागरिक 55 देशों में बिना पहले से वीजा लिए यात्रा कर सकते हैं।
इस सूची में वीजा-फ्री, वीजा ऑन अराइवल और इलेक्ट्रॉनिक ट्रैवल ऑथराइजेशन (ETA) जैसी सुविधाएं शामिल हैं, जिससे भारतीय यात्रियों के लिए विदेश जाना पहले से ज्यादा आसान हो गया है।
भारत की रैंकिंग में 5 पायदान की छलांग
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने इस साल पांच स्थान की बढ़त हासिल की है।
2025 में भारत की रैंकिंग: 85वां स्थान
2026 में भारत की रैंकिंग: 80वां स्थान
इस रैंकिंग पर भारत अब अल्जीरिया के साथ संयुक्त रूप से मौजूद है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सुधार भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीति और द्विपक्षीय समझौतों का नतीजा (Indian Passport Power 2026) माना जा रहा है।
भारतीय यात्रियों को किन देशों में मिलेगा फायदा
भारतीय पासपोर्ट धारकों को अब एशिया, अफ्रीका, ओशिनिया, कैरेबियन और मिडिल ईस्ट के कई देशों में आसान एंट्री मिलेगी।
वीजा-फ्री देशों में शामिल हैं:
थाईलैंड, मलेशिया, मॉरीशस, नेपाल, बारबाडोस, फिजी, सेंट विंसेंट एंड द ग्रेनेडाइंस जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन।
वीजा ऑन अराइवल या ETA सुविधा वाले देश:
इंडोनेशिया, मालदीव, श्रीलंका, केन्या, जॉर्डन, फिलीपींस सहित कई अन्य देश।
इससे पर्यटन, व्यापार और स्टूडेंट ट्रैवल—तीनों को फायदा मिलने की उम्मीद है।
दुनिया के सबसे ताकतवर पासपोर्ट: टॉप रैंकिंग
Henley Passport Index 2026 के मुताबिक इस साल भी एशियाई देशों का दबदबा बना हुआ है।
सिंगापुर – 192 देश
जापान – 188 देश
दक्षिण कोरिया – 188 देश
डेनमार्क, लक्ज़मबर्ग, स्पेन, स्वीडन, स्विट्जरलैंड – 186 देश
जर्मनी, फ्रांस, इटली, आयरलैंड, नीदरलैंड सहित 10 देश – 185 देश
यूएई, हंगरी, पुर्तगाल, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया – 184 देश
खास बात यह है कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) लगातार अपनी स्थिति मजबूत करता (Indian Passport Power 2026) जा रहा है और टॉप रैंकिंग देशों में शामिल हो चुका है।
क्या कहती है रिपोर्ट की बड़ी तस्वीर
Henley Passport Index 2026 से यह साफ होता है कि भारत के पासपोर्ट की अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता धीरे-धीरे बढ़ रही है। भले ही भारत अभी टॉप देशों से काफी पीछे है, लेकिन बीते कुछ वर्षों में रैंकिंग में आया सुधार यह संकेत देता है कि भविष्य में भारतीय यात्रियों के लिए वैश्विक यात्रा और आसान हो सकती है।





