सीजी भास्कर, 14 जनवरी। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर युवा स्वतंत्र शोधकर्ता कमल दास महंत ने विज्ञान के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके द्वारा प्रस्तुत KEUFT (Kamal–Einstein Unified Field Theory) और उससे जुड़ा HONOMEBA Experimental Framework इस समय वैश्विक वैज्ञानिक समुदाय में चर्चा का विषय बना हुआ है।
KEUFT सिद्धांत ऊर्जा, क्षेत्र (Field) और माध्यम (Medium) के बीच होने वाली अंतःक्रियाओं को नए दृष्टिकोण से परिभाषित करता है। यह शोध पारंपरिक भौतिकी के सिद्धांतों से आगे जाकर ऐसे प्रभावों का अध्ययन करता है, जिन्हें प्रयोगों के माध्यम से परखा जा सकता है। वैज्ञानिक समुदाय में इसे एक परीक्षण योग्य और नवाचार आधारित सैद्धांतिक ढांचे के रूप में देखा जा रहा है।
यह शोध अंतरराष्ट्रीय ओपन साइंस प्लेटफॉर्म Zenodo पर प्रकाशित किया गया है, जहां इसे अब तक 352 से अधिक बार देखा और 283 से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है। इसके साथ ही यह शोध OpenAIRE में इंडेक्स हो चुका है तथा Google Scholar पर भी शोधकर्ता के नाम के साथ सूचीबद्ध है।
शोध की वैज्ञानिक समीक्षा Er. Amit Kumar Meshram (Scientist – E), Department of Science and Technology, Chhattisgarh द्वारा की गई है। समीक्षा के दौरान शोध के सैद्धांतिक आधार और तकनीकी पहलुओं का मूल्यांकन किया गया।
वैज्ञानिक विशेषज्ञों के अनुसार KEUFT और HONOMEBA Framework का उपयोग भविष्य में उन्नत भौतिकी अनुसंधान, ऊर्जा अध्ययन, रक्षा तकनीक और अंतरिक्ष अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं खोल सकता है।
ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक मंचों तक पहुंचने वाले कमल दास महंत का यह शोध छत्तीसगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। KEUFT सिद्धांत पर आगे भी अनुसंधान कार्य जारी है और आने वाले समय में इसके विस्तृत वैज्ञानिक परिणाम सामने आने की संभावना है।


