सीजी भास्कर, 17 जनवरी। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा छत्तीसगढ़ के विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक और बहुआयामी जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रायपुर–बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर (Road Safety Awareness Campaign) के तहत एक विशेष अभियान संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित यातायात के प्रति सजग करना और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए व्यवहारिक जानकारी प्रदान करना रहा। इस दौरान वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट वितरित किए गए और यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया।
अभियान के दौरान एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप कुमार लाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानूनों या दंड तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट का उपयोग करना, ओवरस्पीडिंग से बचना और निर्धारित गति सीमा का पालन जैसे छोटे-छोटे उपाय (Road Safety Awareness Campaign) को सफल बनाने के साथ-साथ अनमोल जीवन की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक जागरूक चालक न केवल स्वयं सुरक्षित रहता है, बल्कि अन्य यात्रियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।
परियोजना कार्यान्वयन इकाई, बिलासपुर के परियोजना निदेशक मुकेश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों के साथ-साथ निरंतर जन-जागरूकता अभियानों का संचालन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि (Road Safety Awareness Campaign) के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर तक लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि राज्य में सुरक्षित यातायात संस्कृति को मजबूत किया जा सके।
सड़क दुर्घटना से निपटने मॉक-ड्रिल
अभियान के अंतर्गत सड़क दुर्घटना की स्थिति में त्वरित और प्रभावी बचाव कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए लाइव एक्सीडेंट डेमोस्ट्रेशन यानी मॉक-ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मॉक-ड्रिल में दुर्घटना के बाद एम्बुलेंस की त्वरित पहुँच, क्रेन के माध्यम से सड़क से बाधा हटाने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और उन्हें सुरक्षित रूप से अस्पताल तक पहुँचाने की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास (Road Safety Awareness Campaign) को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाते हैं और आपात स्थिति में समय पर सही कदम उठाने में सहायक होते हैं। साथ ही उपस्थित वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई।
रक्तदान शिविर का आयोजन
सड़क सुरक्षा अभियान के साथ-साथ सामाजिक सरोकार को भी ध्यान में रखते हुए एनएचएआईटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में अधिकारियों, कर्मचारियों और सड़क उपयोगकर्ताओं सहित 50 से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। रक्तदान शिविर ने यह संदेश दिया कि (Road Safety Awareness Campaign) केवल यातायात नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानव जीवन की रक्षा और सेवा से भी जुड़ा हुआ है।
प्रदेशभर में सतत जागरूकता अभियान
एनएचएआई द्वारा प्रदेश के सभी टोल प्लाजा, राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख जंक्शनों पर लगातार सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इन अभियानों के माध्यम से वाहन चालकों और यात्रियों से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने और निर्धारित गति सीमा का पालन करने की निरंतर अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी, तब तक (Road Safety Awareness Campaign) अपने पूर्ण उद्देश्य को प्राप्त नहीं कर सकता। इसलिए यह अभियान आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक रूप से संचालित किया जाएगा।


