Ashok Chakra Award : अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन में अहम भूमिका निभाने वाले ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। अंतरिक्ष जैसे अत्यंत चुनौतीपूर्ण वातावरण में दिखाए गए साहस, अनुशासन और निर्णय क्षमता को इस सम्मान का आधार माना गया है।
एक्सिओम-4 मिशन में निभाई निर्णायक भूमिका
शुभांशु शुक्ला एक्सिओम-4 मिशन के तहत तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ ISS तक पहुंचे थे। मिशन के दौरान उन्होंने तकनीकी, वैज्ञानिक और मानवीय समन्वय से जुड़ी कई जटिल जिम्मेदारियां निभाईं। यह मिशन भारत के लिए इसलिए भी अहम रहा क्योंकि इससे वैश्विक अंतरिक्ष अभियानों में भारतीय भागीदारी को नई पहचान मिली।
अंतरिक्ष में 20 दिन, 60 से ज्यादा प्रयोग
ISS पर अपने प्रवास के दौरान शुभांशु शुक्ला ने करीब 20 दिन बिताए। इस अवधि में उन्होंने जैवचिकित्सा विज्ञान, तंत्रिका विज्ञान, कृषि प्रयोग, उन्नत सामग्री विज्ञान और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़े 60 से अधिक प्रयोगों में हिस्सा लिया। कई प्रयोग ऐसे रहे, जिनका सीधा उपयोग भविष्य के मानव अंतरिक्ष अभियानों में किया जा सकता है।
दूसरे भारतीय, पहला ISS अनुभव
वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने, लेकिन ISS तक पहुंचने वाले पहले भारतीय के रूप में उनका नाम दर्ज हुआ। यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना और अंतरिक्ष विज्ञान दोनों के लिए मील का पत्थर मानी जा रही है।
साहस, संयम और अंतरराष्ट्रीय सम्मान
अशोक चक्र से सम्मानित किए जाने का प्रस्ताव उनके व्यक्तिगत साहस के साथ-साथ भारत की वैश्विक छवि को मजबूती देने वाले योगदान को भी रेखांकित करता है। अधिकारियों का मानना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ी को विज्ञान, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देगा।





