सीजी भास्कर 2 फरवरी Teak Smuggling Action : उत्तर बस्तर कांकेर जिले के कापसी वनपरिक्षेत्र में वन विभाग ने अवैध सागौन तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। ग्राम पिपली में मिली पुख्ता सूचना के आधार पर टीम ने सुनियोजित तरीके से छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप की स्थिति बन गई।
दो तस्करों के ठिकानों की तलाशी
वन अमले ने एक साथ दो संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी। तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में सागौन चिरान और सागौन लट्ठे बरामद किए गए। अधिकारियों के अनुसार, लकड़ी को लंबे समय से छिपाकर रखा गया था और इसे अवैध रूप से बाहर भेजने की तैयारी चल रही थी।
254 नग सागौन जब्त
छापेमारी के दौरान कुल 254 नग सागौन जब्त किया गया, जिसका कुल आयतन 7.549 घन मीटर मापा गया है। जब्त लकड़ी की अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 लाख 13 हजार रुपये आंकी गई है। मौके पर लकड़ी के परिवहन में उपयोग किए जाने वाले साधनों की भी बारीकी से जांच की गई।
वन अपराध प्रकरण दर्ज
मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। विभाग ने वन अधिनियम 1927 और छत्तीसगढ़ वन उपज व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 की धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। दस्तावेजों और नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जंगलों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अवैध कटाई और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सतत निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई को वन संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।





