सीजी भास्कर, 11 फरवरी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुरूप वर्ष 2030 तक देश को फाइलेरिया (हाथीपांव) जैसी गंभीर बीमारी (Filaria Elimination Campaign) से मुक्त करने के उद्देश्य से जिले में फाइलेरिया उन्मूलन महाअभियान तेज़ी से चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 25 फरवरी तक सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिले के एक लाख से अधिक नागरिकों को निःशुल्क दवा दी जा रही है।
अभियान के अंतर्गत 02 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर सभी पात्र नागरिकों को डी.ई.सी., एल्बेंडाजोल एवं आईवरमेक्टिन दवाओं का संयुक्त रूप से सेवन कराया जा रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर कुन्दन कुमार ने जवाहर नवोदय विद्यालय, दाबो पहुंचकर विद्यार्थियों को स्वयं दवा सेवन कराया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को 90 प्लस शिक्षा गुणवत्ता अभियान की जानकारी देते हुए बेहतर अध्ययन और परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि जवाहर नवोदय विद्यालय दाबो में शिक्षक, विद्यार्थी सहित 300 से अधिक लोगों ने दवा का सेवन किया। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अब तक 01 लाख 06 हजार 300 से अधिक लोगों को फाइलेरिया की दवा खिलाई (Filaria Elimination Campaign) जा चुकी है। अभियान के सफल संचालन के लिए मुंगेली विकासखंड में 660, लोरमी में 560 और पथरिया विकासखंड में 400 बूथ बनाए गए हैं। इस तरह जिलेभर में कुल 1,620 बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 1,790 दलों के 3,580 से अधिक सदस्य लगातार दवा सेवन करा रहे हैं।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) गिरीश कुर्रे ने बताया कि जिले में कुल 08 लाख 51 हजार 895 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पहले चरण में 12 फरवरी तक स्कूलों, महाविद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा सेवन कराया जा रहा है। दूसरे चरण में 13 से 22 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा दी जाएगी, जबकि 23 से 25 फरवरी के बीच छूटे हुए लोगों को मॉप-अप राउंड में दवा सेवन कराया जाएगा।
अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर हल्की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। अधिकारियों ने बताया कि कुछ बच्चों में पेट में कृमि होने की स्थिति में एल्बेंडाजोल दवा के प्रभाव से हल्का पेट दर्द होना सामान्य प्रक्रिया है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम भरदा में दवा सेवन के बाद 06 बच्चों और 01 बुजुर्ग द्वारा थकान, नींद आने और पेट दर्द की शिकायत की गई थी।
सूचना मिलते ही कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की चिकित्सक एवं नर्सिंग टीम, एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और घर-घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच में सभी बच्चे एवं संबंधित व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ पाए गए और किसी भी गंभीर स्थिति की पुष्टि नहीं हुई।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाएं और दवा सेवन के बाद किसी भी सामान्य प्रतिक्रिया (Filaria Elimination Campaign) से घबराएं नहीं। आवश्यकता पड़ने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या स्वास्थ्य टीम से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फाइलेरिया की दवाइयां पूरी तरह सुरक्षित हैं और यह अभियान जिले को हाथीपांव जैसे गंभीर रोग से मुक्त करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।




