सीजी भास्कर, 13 फरवरी | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नगर निगम ने वर्षों से लंबित संपत्ति कर वसूली को लेकर बड़ा कदम उठाया है। बकाया राशि जमा नहीं करने वाले चार बड़े करदाताओं के कुल छह व्यावसायिक परिसरों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई के बाद व्यापारिक हलकों में हलचल देखी जा रही है। निगम का यह कदम अब Raipur Property Tax Action के रूप में चर्चा में है।
नोटिस के बाद भी जमा नहीं हुआ टैक्स
नगर निगम प्रशासन के अनुसार संबंधित बकायेदारों को पहले डिमांड बिल, फिर डिमांड नोटिस और अंतिम नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद निर्धारित समयसीमा में कर राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद जोन-10 की राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर ताला लगाकर सीलबंद करने की कार्रवाई की। इस पूरी प्रक्रिया को निगम ने Municipal Sealing Drive के तहत अंजाम दिया।
करोड़ों की बकाया राशि पर कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक जोन-10 क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में स्थित परिसरों पर कार्रवाई की गई। इनमें पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड क्रमांक 50, बाबू जगजीवन राम वार्ड क्रमांक 53 और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड क्रमांक 56 शामिल हैं। संबंधित बकायेदारों पर लाखों रुपये की बकाया राशि दर्ज थी। निगम की टीम ने संयुक्त रूप से पहुंचकर कुल छह व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया। इसे प्रशासनिक स्तर पर Commercial Property Seal की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संपत्ति कर राजस्व शहर के विकास कार्यों की आधारशिला है। बकाया कर नहीं चुकाने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। अधिकारियों ने अन्य करदाताओं से समय पर कर जमा करने की अपील की है, ताकि ऐसी स्थिति से बचा जा सके। निगम की यह पहल व्यापक Revenue Recovery Drive का हिस्सा बताई जा रही है।




