सीजी भास्कर, 13 फरवरी। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिला के कोकोड़ी गांव में स्थित मां दंतेश्वरी मक्का प्रसंस्करण प्लांट में गुरुवार (Danteweshwari Maize Factory Protest) रात भारी बवाल हो गया। करीब 700 से 800 ग्रामीणों की भीड़ ने लाठी-डंडों और पत्थरों के साथ प्लांट परिसर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की। हमले में कार्यालय, खड़ी कारें, ट्रैक्टर और अन्य वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। शुरुआती आकलन के मुताबिक 10 से 20 लाख रुपये तक के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला तरल अपशिष्ट (वेस्ट) खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे उनकी मक्का और अन्य फसलें लगातार खराब हो रही हैं। लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और प्लांट प्रबंधन से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी उपेक्षा ने गुस्से को हिंसक रूप दे दिया।
रातभर घेराव, सुबह फिर तनाव
हमले के बाद ग्रामीणों ने रातभर प्लांट को चारों ओर से घेरकर रखा। बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक (Danteweshwari Maize Factory Protest) लगा दी गई। एक वाहन चालक, जो महाराष्ट्र से आया था, ने बताया कि हमले के दौरान उसे जान बचाने के लिए जंगल में छिपना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ समय के लिए पुलिस बल को भी पीछे हटना पड़ा।
शुक्रवार सुबह जब ग्रामीणों ने दोबारा प्लांट में घुसने की कोशिश की, तो मौके पर मौजूद पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। इसके बाद भी स्थिति शांत नहीं हुई। ग्रामीण अब दूर से पुलिस बल पर गुलेल से पत्थर फेंक रहे हैं।
भारी पुलिस बल तैनात, गांव में तनाव
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कोंडागांव के साथ-साथ कांकेर जिला से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है। प्लांट के बाहर भारी फोर्स तैनात है और पूरे गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन और उसके एमडी विनोद खन्ना पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी रायपुर से आते हैं और महीने में सिर्फ एक-दो बार ही निरीक्षण करते हैं। नियमित निगरानी और समय पर समाधान न होने के कारण समस्या लगातार बढ़ती गई।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जाता, तो हालात इस स्तर तक नहीं पहुंचते। फिलहाल इस पूरे मामले पर प्लांट प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच शुरू, शांति की अपील
प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है। नुकसान का आकलन किया (Danteweshwari Maize Factory Protest) जा रहा है और प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट व संभावित प्रदूषण की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।
फिलहाल कोकोड़ी गांव में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक ओर किसानों का आक्रोश है, तो दूसरी ओर सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में प्रशासन जुटा हुआ है। आने वाले घंटे इस मामले में बेहद अहम माने जा रहे हैं।




