सीजी भास्कर 13 फ़रवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की 16वीं बैठक आयोजित (Chhattisgarh Wildlife Board Meeting) की गई। बैठक में बोर्ड की 15वीं बैठक के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा के साथ-साथ नए एजेंडों पर विस्तार से चर्चा हुई। चर्चा के उपरांत विभिन्न प्रस्तावों को राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड के निर्णय हेतु प्रेषित करने पर सर्वसम्मति बनी।
मुख्यमंत्री साय ने बैठक में कहा कि वन्यजीव हमारी प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं और उनका संरक्षण केवल शासन की नहीं, बल्कि समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी, अवैध शिकार और गतिविधियों पर सख्त रोक तथा जनभागीदारी को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वनों के आसपास निवास करने वाले ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को संरक्षण से जोड़ना बेहद जरूरी है।
न्यूनतम हस्तक्षेप और सह-अस्तित्व पर जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में न्यूनतम हस्तक्षेप के सिद्धांत को अपनाया जाना चाहिए। केवल अत्यावश्यक कार्य ही इस तरह से किए जाएं कि प्राकृतिक संतुलन प्रभावित (Chhattisgarh Wildlife Board Meeting) न हो। उन्होंने सह-अस्तित्व के सिद्धांतों के अनुरूप सभी विकासात्मक गतिविधियों के संचालन की बात कही।
स्थायी समिति के गठन को मिली मंजूरी
बैठक का एक अहम निर्णय छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति (Standing Committee) के गठन को लेकर रहा। इस समिति का गठन वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री की अध्यक्षता में किया जाएगा, जिसमें 11 अन्य सदस्य शामिल होंगे।
बताया गया कि वन्यजीव दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में होने वाले कार्यों के लिए बोर्ड की अनुशंसा अनिवार्य होती है, लेकिन बैठकों के बीच लंबे अंतराल के कारण कई बार प्रस्तावों के निपटारे में देरी हो जाती थी। स्थायी समिति के गठन से वैधानिक स्वीकृतियों में तेजी आएगी और वन्यजीव प्रबंधन से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान संभव होगा।
इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर बनी सहमति
बैठक में कई अहम परियोजनाओं के प्रस्तावों को अनुमोदन देकर उन्हें राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति हेतु भेजने का निर्णय लिया गया, जिनमें प्रमुख हैं –
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व अंतर्गत बरबांधा जलाशय में बांध एवं नहरों के जीर्णोद्धार एवं नवीन कार्य
पीएम जनमन योजना के तहत कबीरधाम जिले के कवर्धा वनमंडल में पंडरीपानी मेन रोड से सौरु तक मार्ग मजबूतीकरण
गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने से संबंधित 6 प्रस्ताव
सेमरसोत अभ्यारण्य में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का प्रस्ताव
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व में सीआरपीएफ कैंप की स्थापना
उदंती–सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का प्रस्ताव
संरक्षण के साथ विकास का संतुलन
बैठक में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि छत्तीसगढ़ सरकार वन्यजीव संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाकर (Chhattisgarh Wildlife Board Meeting) आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यावरण, वन्यजीव और मानव – तीनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेना राज्य की प्राथमिकता है।




