सीजी भास्कर 15 फरवरी ग्राम पंचायत जटकन्हार स्थित पोस्ट ऑफिस में सामने आए (Fake Passbook Scam) ने ग्रामीणों के भरोसे को झकझोर कर रख दिया। आरोप है कि पदस्थ पोस्ट मास्टर ने वर्षों तक खाताधारकों को भरोसे में लेकर उनकी जमा रकम में हेराफेरी की, जिससे कई परिवारों की जीवनभर की बचत खतरे में पड़ गई।
किसान के खाते से खुला पूरा खेल
मामले की परतें तब खुलीं, जब एक युवा किसान ने अपने खाते से निकासी के दौरान भारी अंतर पाया। रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि असली बैलेंस और पासबुक की एंट्री में जमीन-आसमान का फर्क था। यहीं से (Post Office Fraud Case) की कड़ी जुड़ती चली गई और अन्य खातों की जांच शुरू हुई।
नकली पासबुक, असली नुकसान
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें जमा की गई रकम की पुष्टि के लिए नकली पासबुक दी जाती थी, जबकि मूल रजिस्टर में प्रविष्टियां नहीं की जाती थीं। इस तरीके से (Rural Banking Scam) को लंबे समय तक अंजाम दिया गया और नुकसान का दायरा लगातार बढ़ता गया।
शिकायत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
घटना की जानकारी सामने आते ही ग्रामीणों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू कर दी है और दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। (Dongargarh Police Action) के तहत आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है, ताकि नुकसान की पूरी तस्वीर सामने लाई जा सके।
खाताधारकों को सतर्क रहने की सलाह
प्रकरण सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर खाताधारकों से अपने दस्तावेज और एंट्री का मिलान करने की अपील की गई है। (Account Holders Alert) के जरिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वे नियमित रूप से बैलेंस चेक करें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत दें।





