सीजी भास्कर, 20 फरवरी। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG RERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन देने के मामले में बड़ी कार्रवाई (CG RERA Action) करते हुए बिलासपुर स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना के प्रमोटर पवन अग्रवाल पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। प्राधिकरण ने पाया कि परियोजना के प्रचार में गलत जानकारी दी गई थी, जो पंजीयन विवरण से मेल नहीं खाती थी।
जांच में सामने आया कि बोदरी, बिलासपुर स्थित ‘फॉर्च्यून एलिमेंट्स’ परियोजना को रेरा में प्लॉटेड प्रोजेक्ट के रूप में पंजीकृत कराया गया था, लेकिन प्रमोटर द्वारा विभिन्न प्लेटफॉर्म पर इसे हाउसिंग परियोजना के रूप में प्रचारित किया जा रहा था। यह जानकारी पंजीयन के समय प्रस्तुत विवरण के विपरीत थी, जिसे प्राधिकरण ने गंभीर उल्लंघन माना।
रेरा अधिनियम के तहत किसी भी परियोजना का प्रचार उसी स्वरूप में किया जाना अनिवार्य (CG RERA Action) है, जैसा कि उसके पंजीयन के समय घोषित किया गया हो। अधिनियम की धारा 14 के अनुसार, प्रमोटर को परियोजना के लेआउट, योजना और स्वीकृत विवरण के अनुरूप ही विज्ञापन और विकास कार्य करना होता है। इसके विपरीत किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी देना नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
प्राधिकरण ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और निर्देश दिया कि यदि संबंधित क्षेत्र में हाउसिंग परियोजना विकसित की जानी है, तो उसका विधिवत पंजीयन कराया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना सही पंजीयन के किसी भी प्रकार का प्रचार या बिक्री गतिविधि नियमों के विरुद्ध होगी।
CG RERA ने कहा है कि राज्य में संचालित सभी रियल एस्टेट परियोजनाओं के विज्ञापनों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रिंट, डिजिटल और अन्य माध्यमों में प्रकाशित प्रचार सामग्री की जांच (CG RERA Action) की जा रही है, ताकि खरीदारों को सही जानकारी मिल सके और उन्हें किसी प्रकार की धोखाधड़ी का सामना न करना पड़े।
प्राधिकरण ने सभी बिल्डरों और प्रमोटरों को चेतावनी दी है कि वे केवल स्वीकृत और पंजीकृत जानकारी के आधार पर ही परियोजनाओं का प्रचार करें। नियमों का उल्लंघन करने पर इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






