सीजी भास्कर, 23 मई : जिले में चल रहे भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो प्रगणकों पर जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के निर्देश पर दोनों शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। प्रशासन की इस कार्रवाई को जनगणना कार्य में (Enumerator Suspended) जैसे मामलों पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड सिमगा अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला तुलसी में पदस्थ सहायक शिक्षक अशोक वर्मा तथा विकासखंड कसडोल अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला आमगांव में पदस्थ सहायक शिक्षक राधेश्याम दीवान की ड्यूटी भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के लिए प्रगणक के रूप में लगाई गई थी। निर्धारित दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही पाए जाने पर जिला कार्यालय की ओर से दोनों कर्मचारियों को स्पष्टीकरण जारी किया गया था, लेकिन संबंधितों द्वारा समय पर कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
जिला प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय स्तर के अत्यंत महत्वपूर्ण और समयबद्ध कार्य के प्रति उदासीनता मानते हुए कठोर कदम उठाया। आदेश में उल्लेख किया गया है कि दोनों कर्मचारियों का आचरण सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 तथा जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 एवं 11 के विपरीत पाया गया है। इसी आधार पर दोनों प्रगणकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। प्रशासनिक हलकों में इस कार्रवाई को जनगणना कार्य में (Enumerator Suspended) मामलों में जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
निलंबन अवधि के दौरान सहायक शिक्षक अशोक वर्मा का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी बलौदाबाजार निर्धारित किया गया है, जबकि राधेश्याम दीवान का मुख्यालय कार्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी भाटापारा रहेगा। दोनों कर्मचारियों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी जनगणना कार्य में (Enumerator Suspended) जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन का सख्त संदेश
बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने भारत की जनगणना 2027 के कार्य में लापरवाही बरतने वाले दो प्रगणकों को निलंबित कर दिया है। दोनों शिक्षकों को पूर्व में स्पष्टीकरण जारी किया गया था, लेकिन जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर कार्रवाई की गई। प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य के प्रति गंभीर उदासीनता माना है।
जनगणना कार्य में मामलों में जवाबदेही तय
जनगणना अधिनियम 1948 और सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उल्लंघन को आधार बनाते हुए दोनों कर्मचारियों पर निलंबन की कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि समयबद्ध सरकारी कार्यों में लापरवाही करने वालों पर कठोर कदम उठाए जाएंगे।



