सीजी भास्कर, 23 फरवरी। Rikesh Sen Open Heart Surgery Help : राजनीति के शोर-शराबे के बीच जब कोई जनप्रतिनिधि बिना क्षेत्र, दल या पहचान देखे किसी मासूम की जिंदगी के लिए खड़ा होता है, तब वह खबर नहीं, एक मिसाल बन जाता है।
वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन ने कुछ ऐसा ही किया है। एक निर्धन परिवार के बेटे रुद्रांश की जटिल हृदय सर्जरी करा कर उन्होंने यह दिखाया कि सेवा अब भी राजनीति से ऊपर जिंदा है।
मासूम की सांसों से जुड़ी थी उम्मीद
खुर्सीपार, भिलाई निवासी सविता और जयरामदास मानिकपुरी के इकलौते बेटे रुद्रांश के दिल में जन्म से ही छेद था। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे को टीजीए, वीएसडी और नसों के संकुचन जैसी गंभीर समस्याएं हैं। छत्तीसगढ़ में इलाज संभव नहीं था और दिल्ली ले जाना इस परिवार की आर्थिक क्षमता से बाहर था। यहीं से शुरू होती है Rikesh Sen Open Heart Surgery Help की कहानी।

हर दरवाज़ा बंद, तब खुला मानवता का रास्ता
कई जगह गुहार लगाने के बाद भी मदद नहीं मिली।
निराश माता-पिता ने आख़िरी उम्मीद के तौर पर विधायक रिकेश सेन से संपर्क किया। यह परिवार उनके विधानसभा क्षेत्र का नहीं था, लेकिन उन्होंने बच्चे की हालत देखकर बिना एक पल गंवाए इलाज की पूरी जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली।

विधायक बने अभिभावक : Rikesh Sen Open Heart Surgery Help
रिकेश सेन ने न सिर्फ सर्जरी का खर्च उठाया, बल्कि माता-पिता के दिल्ली आने-जाने, रुकने और अस्पताल की हर औपचारिकता में साथ निभाया। इलाज के दौरान करीब 18 बार दिल्ली आना-जाना हुआ। दिल्ली एम्स में लगातार अपॉइंटमेंट, जांच और काउंसलिंग की प्रक्रिया चली। इस पूरे संघर्ष में विधायक रिकेश की पहल एक भरोसे की तरह परिवार के साथ खड़ी रही।

सफल सर्जरी, ICU में स्थिर हालात : Rikesh Sen Open Heart Surgery Help
लगातार इलाज के बाद 19 फरवरी 2026 को दिल्ली के अस्पताल में रुद्रांश की ओपन हार्ट सर्जरी सफलतापूर्वक हुई। तीन दिन वेंटिलेटर पर रहने के बाद बच्चे की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों की टीम सतत निगरानी में है। विधायक रिकेश सेन रोजाना डॉक्टरों और परिजनों से संपर्क कर बच्चे के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं।
भिलाई-दुर्ग में चर्चा, परिवार ने बताया जीवनदाता
रिकेश सेन के इस कदम की भिलाई-दुर्ग क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है। मानिकपुरी दंपति का कहना है कि यदि समय पर यह मदद न मिलती तो उनके बेटे की ओपन हार्ट सर्जरी करा पाने में वो सक्षम नहीं थे। उनके लिए यह सिर्फ मदद नहीं, बल्कि बेटे रूद्रांश को मिला जीवनदान ही है। विधायकजी की ऐसी मानवता हमारे लिए आजीवन स्मरणीय है।






