बंगाल की खाड़ी में बने मौसमीय सिस्टम के असर से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में सुबह से बादल छाए रहे। रायपुर समेत कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे तापमान में हल्की नरमी महसूस हुई। मौसम विभाग के अनुसार, (Chhattisgarh rain alert) के तहत अगले दो–तीन दिन इसी तरह की स्थिति बने रहने की संभावना है।
वाड्रफनगर विकासखंड में दोपहर बाद अचानक तेज़ आंधी के साथ जोरदार ओलावृष्टि हुई। करीब 15–20 मिनट तक गिरे ओलों ने सड़कों, छतों और खेतों को बर्फ़ जैसी परत से ढक दिया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, (Chhattisgarh rain alert) के दौरान बदले मौसम ने जनजीवन को थाम सा दिया।
ओलावृष्टि से गेहूं, राई, सरसों और मौसमी सब्ज़ियों की फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। तेज़ हवाओं से कुछ इलाकों में पेड़–पौधे झुके, खेतों में खड़ी फसल पर चोट के निशान दिखे। किसान संगठनों का कहना है कि (Chhattisgarh rain alert) के असर से यदि बारिश–ओले का सिलसिला जारी रहा, तो उत्पादन पर सीधा प्रभाव पड़ सकता है।
मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर गरज–चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो दिनों तक आंधी–तूफान के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है। साथ ही, आने वाले सप्ताह में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। (Chhattisgarh rain alert) के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
अचानक मौसम बदलने से सर्दी–जुकाम, वायरल फीवर और हाइपोथर्मिया का खतरा बढ़ सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने अनावश्यक यात्रा से बचने, बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और बारिश–ओलों के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि (Chhattisgarh rain alert) के दौरान बुज़ुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखा जाए।






