सीजी भास्कर, 30 मई : देश के करोड़ों मध्यमवर्गीय परिवारों और रसोई गैस (LPG New Rules June 2026) उपभोक्ताओं के लिए 1 जून से एक बेहद चौंकाने वाली, आक्रामक और संवेदनशील खबर सामने आई है। केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडरों के दुरुपयोग, जमाखोरी और कालाबाजारी को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने के लिए एक बेहद सख्त और अल्टीमेटम नुमा गाइडलाइन जारी कर दी है।
नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में पहले से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन मौजूद है, उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर हर हाल में सरेंडर करना होगा। अगर तय समय सीमा के भीतर ऐसा नहीं किया गया, तो सरकार डिजिटल डेटाबेस के जरिए ऐसे परिवारों की पहचान कर उनका एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए ब्लॉक या कैंसिल कर देगी। इस बड़े बदलाव और इसके पीछे छिपे सस्पेंस के बाद पूरे देश के राशन और रसोई बजट में (LPG New Rules June 2026) को लेकर हड़कंप मच गया है।
दरअसल, यह पूरा मामला देश में तेजी से बढ़ रहे पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर और एलपीजी की वास्तविक खपत के बीच चल रहे एक बड़े विरोधाभास का है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में एलपीजी यूजर्स की संख्या लगभग दोगुनी होकर 33.5 करोड़ के पार पहुंच गई है, जबकि पीएनजी का नेटवर्क बढ़ने के बावजूद इसके यूजर्स केवल 1.64 करोड़ ही बने हुए हैं। मार्च महीने तक ही देश में रिकॉर्ड 6.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन बांटे गए, लेकिन धरातल पर गैस की वास्तविक आपूर्ति 18 फीसदी कम दर्ज की गई। इसका सीधा मतलब यह है कि कई चालाक परिवारों ने पीएनजी का पाइप तो लगवा लिया है, लेकिन वे पूरी तरह से एलपीजी सिलेंडर पर ही निर्भर हैं और उसे सरेंडर नहीं कर रहे हैं। इस दोहरे खेल को रोकने के लिए तेल वितरण कंपनियों (OMCs) ने अब एक बेहद आक्रामक कदम (LPG New Rules June 2026) उठा लिया है।
पीएनजी आते ही बंद होगी सिलेंडर की सप्लाई
पर्दे के पीछे का सस्पेंस और सबसे बड़ी तकनीकी रणनीति यह है कि अब सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों और ओएमसी (OMCs) ने अपने डिजिटल डेटाबेस को पूरी तरह से आपस में यूनिफाइड (एकत्रित) कर लिया है। यानी अब कंप्यूटर की एक सिंगल क्लिक से यह पता चल जाएगा कि किस पते पर पीएनजी की लाइन है और वहां एलपीजी सिलेंडर भी बुक हो रहा है। नए संशोधित नियमों के तहत एक ही एड्रेस पर दोनों कनेक्शन रखना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को कड़ा निर्देश दिया गया है कि पीएनजी कनेक्शन चालू होने के ठीक 30 दिनों के भीतर उन्हें अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा। यदि कोई उपभोक्ता इस नियम का उल्लंघन करता पाया गया, तो जून महीने से ही उसका घरेलू एलपीजी सिलेंडर बुक करने या उसे रिफिल करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी, जिससे होने वाले नुकसान (LPG New Rules June 2026) और परेशानी की जिम्मेदारी खुद उपभोक्ता की होगी।
हालांकि, इस कड़ाई के बीच सरकार ने उन लोगों के लिए एक राहत भरा प्रावधान भी रखा है जिनका ट्रांसफर अक्सर दूसरे शहरों में होता रहता है। नए नियम के तहत, यदि कोई व्यक्ति पीएनजी वाले इलाके को छोड़कर किसी ऐसे क्षेत्र या ग्रामीण इलाके में शिफ्ट होता है जहां पीएनजी की पाइपलाइन उपलब्ध नहीं है, तो उसे अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन फिर से बहाल (एक्टिव) करने की पूरी कानूनी सुविधा दी जाएगी। सरकार ने देशव्यापी स्तर पर पीएनजी कनेक्शन विस्तार की अंतिम डेडलाइन को भी बढ़ाकर अब 30 जून तक कर दिया है। इस बड़े नीतिगत फैसले से देश की ऊर्जा खपत के ढर्रे में एक क्रांतिकारी बदलाव (LPG New Rules June 2026) देखने को मिलने वाला है, जिसे पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सब्सिडी वाले सिलेंडरों के लिए तय हुआ नया नियम
नए नियमों का हंटर केवल पीएनजी धारकों पर ही नहीं चला है, बल्कि सामान्य एलपीजी सिलेंडर बुक करने वाले शहरी और ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए भी गैस बुकिंग की डेडलाइन को पूरी तरह बदल दिया गया है। आपूर्ति की कमी को कंट्रोल करने के लिए सरकार ने शहरी उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी रिफिल की लॉक-इन पीरियड को 21 दिनों से बढ़ाकर सीधे 25 दिन कर दिया है, यानी अब शहरी क्षेत्रों में 25 दिन से पहले दूसरा सिलेंडर बुक नहीं हो पाएगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए इस लॉक-इन पीरियड को बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने यह नया नियम (LPG New Rules June 2026) जमीन पर लागू कर दिया है।
इसके साथ ही, कनेक्शन और सब्सिडी के नियमों को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी गई है। सभी पात्र परिवारों को हर साल पहले की तरह केवल 12 रियायती (सब्सिडी वाले) घरेलू सिलेंडर ही मिलते रहेंगे। यदि किसी परिवार को साल में 12 से अधिक सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, तो अतिरिक्त सिलेंडरों का शुल्क पूरी तरह से मार्केट वैल्यू (बिना सब्सिडी वाली दर) के अनुसार वसूला जाएगा। इसके अलावा, 1 जून से नया एलपीजी कनेक्शन लेने वाले ग्राहकों पर संशोधित जमा राशि (सिक्योरिटी डिपॉजिट) और नया सेटअप शुल्क लागू होगा, जिसमें गैस रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप और इंस्टॉलेशन चार्ज के लिए पहले से अधिक पैसे चुकाने होंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि सरकार के इस कड़े रुख के बाद देश में पीएनजी पर स्विच करने वाले परिवारों की गति (LPG New Rules June 2026) में कितनी तेजी आती है, लेकिन इस आवश्यक सूचना ने यह तो साफ कर दिया है कि अब रसोई गैस के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही या चालाकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




