सीजी भास्कर 24 फ़रवरी छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 1.72 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि यह बजट विकास की रफ्तार को तेज करने के साथ-साथ ज़मीनी जरूरतों पर सीधा असर डालेगा, खासकर (Chhattisgarh Budget 2026) के तहत तय प्राथमिकताओं में।
इस बार का बजट ‘SANKALP’ थीम पर आधारित है, जो सरकार की दीर्घकालिक सोच को दर्शाता है। SANKALP के सात स्तंभ तय किए गए हैं—समावेशी विकास, आधारभूत संरचना, निवेश, कुशल मानव संसाधन, अंत्योदय, आजीविका और नीति से परिणाम तक की यात्रा। अधिकारियों का कहना है कि (Chhattisgarh Budget 2026) में योजनाओं को केवल कागज़ पर नहीं, बल्कि नतीजों में बदलने पर ज़ोर दिया गया है।
वित्त मंत्री अपने कार्यकाल का तीसरा बजट लेकर आए हैं। इससे पहले ‘GYAN’ थीम में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी पर फोकस था, जबकि ‘GATI’ में सुशासन, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने की बात हुई थी। अब ‘SANKALP’ के जरिए सरकार इन दोनों दौरों की सीख को आगे बढ़ाते हुए (Chhattisgarh Budget 2026) में समग्र विकास का दावा कर रही है।
बजट दस्तावेज़ों के मुताबिक, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, कृषि और रोजगार सृजन से जुड़े प्रावधानों को प्राथमिकता दी गई है। प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस पर खर्च बढ़ाने के संकेत भी मिले हैं। माना जा रहा है कि (Chhattisgarh Budget 2026) में निवेश आकर्षित करने के लिए नीतिगत सहूलियतों को और सरल बनाया जाएगा, ताकि निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़े।
बजट पेश होने के साथ ही सियासी हलकों में चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। सत्ता पक्ष इसे विकास का रोडमैप बता रहा है, वहीं विपक्ष बजट के क्रियान्वयन पर सवाल उठा रहा है। आम लोगों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि (Chhattisgarh Budget 2026) के वादे ज़मीनी स्तर पर कितनी तेजी से दिखते हैं।






