दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन के अनुसार आरोपी ने किशोरी को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्य ले जाया, जहां से पुलिस टीम ने उसे बरामद किया। इस फैसले को (Minor Rape Conviction Dantewada) के तहत नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
स्कूल के लिए निकली किशोरी हुई लापता
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 6 फरवरी 2024 की सुबह 16 वर्ष 2 माह की किशोरी स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर थाना क्षेत्र में अपहरण का मामला दर्ज हुआ। शुरुआती छानबीन में सामने आया कि आरोपी ने भरोसा जीतकर किशोरी को अपने साथ ले जाने की साजिश रची। यह पूरा घटनाक्रम (Minor Rape Conviction Dantewada) की केस-डायरी में दर्ज तथ्यों से पुष्ट हुआ।
तकनीकी साक्ष्यों से गुजरात में लोकेशन ट्रेस
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर लोकेशन ट्रेस की। विशेष टीम को दूसरे राज्य रवाना किया गया और कुछ ही दिनों में किशोरी को सुरक्षित बरामद कर आरोपी को हिरासत में लिया गया। पीड़िता के बयान के बाद प्रकरण में दुष्कर्म और पोक्सो अधिनियम की धाराएं जोड़ी गईं। जांच प्रक्रिया (Minor Rape Conviction Dantewada) के मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाई गई।
फास्ट ट्रैक कोर्ट का सख्त फैसला
चार्जशीट दाखिल होने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। अदालत ने 20 वर्ष के सश्रम कारावास के साथ अर्थदंड लगाया। अभियोजन पक्ष का कहना है कि यह निर्णय (Minor Rape Conviction Dantewada) जैसे मामलों में पीड़ितों के पक्ष में भरोसा बढ़ाने वाला कदम है।
पुलिस का बयान—नाबालिगों के खिलाफ अपराध पर जीरो टॉलरेंस
फैसले के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। पीड़ितों की सुरक्षा, त्वरित कार्रवाई और आरोपियों को सख्त सजा दिलाने पर प्राथमिकता रहेगी। प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत दें—यह अपील (Minor Rape Conviction Dantewada) के संदर्भ में खास मानी जा रही है।






