रायपुर। CG Budget Row Bhupesh Baghel: छत्तीसगढ़ विधानसभा में वित्त वर्ष 2026–27 का बजट पेश होते ही सियासत गरमा गई। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह “संकल्प” नहीं, बल्कि जनता के लिए उलझनों का दस्तावेज़ है—जिसमें बड़े वादों के बीच ज़मीनी हकीकत कहीं खो गई। विपक्ष इसे (Budget Reaction Chhattisgarh) के रूप में सरकार की नीतियों पर सवाल मान रहा है।
‘शब्दों का मायाजाल, नीतियों में खालीपन’
पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि बजट भाषण में योजनाओं की लंबी फेहरिस्त गिनाई गई, मगर किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए ठोस राहत नजर नहीं आती। उनके मुताबिक, दो घंटे की प्रस्तुति में “घोषणाओं का शोर” ज्यादा रहा, जबकि अमल की तस्वीर धुंधली है—इसी वजह से विपक्ष इसे (Opposition Slams Budget CG) बता रहा है।
धान खरीदी और आवास पर सवाल
धान खरीदी के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि रकबा और उत्पादन बढ़ने के बावजूद खरीदी घटने की बात सामने आ रही है—किसानों को भरोसा दिलाने वाले दावे जमीन पर कमजोर दिखते हैं। आवास योजना पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा कि सीमित बजट में सम्मानजनक घर कैसे बनेगा, और क्या लाभार्थी कर्ज़ के दबाव में नहीं आएंगे—यह बहस (Sankalp Budget Controversy) को और तेज कर रही है।
विकास बनाम परंपरा—विधानसभा की मर्यादा का सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सदन की परंपराओं से हटकर प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। उनके अनुसार, पहले की घोषणाओं को बार-बार दोहराने से भरोसा नहीं बनता—लोग नतीजे देखना चाहते हैं। विपक्ष ने सरकार से मांग की कि बजट के अमल की स्पष्ट समय-सीमा और जवाबदेही तय की जाए।
अब सरकार पर अमल की कसौटी
राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच असली कसौटी बजट के अमल पर टिकी है। आने वाले महीनों में धान खरीदी, आवास, रोजगार और बुनियादी ढांचे पर जमीन पर दिखने वाले बदलाव ही तय करेंगे कि “संकल्प” कागज़ों तक सीमित रहा या जनता तक पहुँचा।






