सीजी भास्कर, 31 मई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी बातचीत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के साथ बेहतर समझौता चाहता है, लेकिन इसके लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं की जाएगी। ट्रंप ने साफ कहा कि यदि ईरान अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं करता है, तो सैन्य कार्रवाई का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। (US pressure on Iran)
समझौते पर जल्दबाजी नहीं करना चाहता अमेरिका : US pressure on Iran
फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अच्छी डील में समय लगता है और अमेरिका धीरे-धीरे अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समझौते का मकसद क्षेत्र में तनाव कम करना और लोगों की जान बचाना है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल रहती है, तो अमेरिका दूसरा विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरानी नेताओं के साथ बातचीत आसान नहीं है, क्योंकि वे बेहद सख्त रुख अपनाते हैं। इसके बावजूद अमेरिका अपनी शर्तों को आगे बढ़ाने में सफल हो रहा है।
ईरान की परमाणु क्षमता पर जताई चिंता
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि कुछ महीने पहले अमेरिका ने कार्रवाई नहीं की होती, तो ईरान परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। उन्होंने कहा कि इससे पूरे मध्य पूर्व की स्थिति बदल सकती थी और इजराइल की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा हो जाता।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह निशाना नहीं बनाया, बल्कि सीमित कार्रवाई करते हुए केवल कुछ नेताओं और समूहों पर दबाव बनाया गया। उनका कहना था कि कई बार युद्ध में देश दशकों तक उबर नहीं पाते, इसलिए अमेरिका ने संयम भी बरता है।
सैन्य विकल्प अब भी खुला : US pressure on Iran
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यदि ईरान अमेरिकी मांगों को मानने से इनकार करता है, तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अभी भी खुला हुआ है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगी देशों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
इस बयान के बाद एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस बयान को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।




