Political Banter in Assembly : छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान होली से पहले सदन में लोकपरंपरा का रंग चढ़ गया। छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फाग की तर्ज पर गीत गाकर सरकार पर कटाक्ष किया। कवर्धा में धान को चूहों से नुकसान वाली घटना का जिक्र कर उन्होंने प्रशासनिक लापरवाही पर व्यंग्य किया—यह पूरा प्रसंग (Festive Politics in House) की तरह गूंजता दिखा।
‘मुसवा’ के बहाने कटाक्ष, सदन और मीडिया गैलरी में हल्की गुनगुनाहट
गीत के बोलों में प्रतीकों के जरिए सवाल उठाए गए—किसानों की फसल सुरक्षा से लेकर भंडारण व्यवस्था तक। इस दौरान सदन में मौजूद सदस्यों के साथ मीडिया गैलरी में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। परंपरागत लोकधुनों में राजनीति का पुट घुलते ही बहस का ताप बढ़ गया, जिसे कई सदस्यों ने (Cultural Satire in Politics) के रूप में लिया।
भाजपा का सुर-में-सुर जवाब, पुराने आरोपों की याद दिलाई
गीत का जवाब उसी अंदाज में आया। भाजपा प्रवक्ता अमित चिमनानी ने शराब और कोयला घोटाले के आरोपों का हवाला देते हुए फाग की तर्ज पर पलटवार किया। उनका कहना था कि कानून अपना काम कर रहा है—कुछ लोग जेल में हैं, कुछ जमानत पर। इस जवाबी सियासत ने (Counter Song Reply) को चर्चा का विषय बना दिया।
लोकपरंपरा में सियासी व्यंग्य की पुरानी रीत
होली के गीतों में सामाजिक-राजनीतिक तंज की परंपरा नई नहीं है। सदन में उसी लोक-संस्कृति का प्रतिबिंब दिखा—जहां शब्दों के तीर चलाए गए, लेकिन मंच लोकतांत्रिक रहा। सदस्यों ने माना कि ऐसे व्यंग्य सियासत की तल्खी को कुछ पल के लिए नरम भी कर देते हैं—इसे (Tradition Meets Politics) की मिसाल माना गया।
धान खरीदी पर तकरार, स्थगन और निलंबन तक बात पहुँची
शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर तीखी बहस छिड़ी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भुगतान लंबित रहने का मुद्दा उठाया, वहीं विपक्षी विधायकों ने स्थगन पर चर्चा न होने से नाराज़गी जताई। गर्भगृह में नारेबाजी के बाद परंपरा के तहत निलंबन की कार्रवाई हुई—यह पूरा घटनाक्रम (Assembly Uproar Update) के रूप में दर्ज किया गया।
बजट सत्र में मुद्दों का टकराव जारी
धान खरीदी, कस्टोडियल डेथ और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे सवालों पर सत्ता पक्ष–विपक्ष की खींचतान थमी नहीं है। होली के सुरों के बीच सियासी तल्खी ने यह साफ कर दिया कि सत्र के शेष दिनों में भी बहसें तेज रहने वाली हैं—(Budget Session Tensions) फिलहाल कम होने के आसार नहीं।






