CG Real Estate Guideline Rates : रायपुर से लेकर अंचल के छोटे कस्बों तक, नई गाइडलाइन दरों ने संपत्ति बाजार की तस्वीर बदल दी है। लंबे अंतराल के बाद हुए संशोधन से रजिस्ट्री वैल्यू और वास्तविक सौदा मूल्य के बीच की खाई कम हुई है। इससे न सिर्फ लेनदेन में भरोसा बढ़ा है, बल्कि लोगों को संपत्ति खरीद-फरोख्त में स्पष्टता भी मिली है।
एक ही सड़क, एक जैसी दर का सिद्धांत लागू
नई व्यवस्था में समान परिस्थितियों वाले इलाकों के लिए समान दर तय की गई है। पहले एक ही वार्ड या आमने-सामने की जमीनों में अलग-अलग रेट होने से विवाद और असंतोष पैदा होता था। अब सड़क संपर्क, लोकेशन और उपयोगिता के आधार पर दरों को संतुलित किया गया है।
वैज्ञानिक सर्वे और ग्राउंड रिपोर्ट पर तय हुई दरें
राज्य सरकार ने जिलावार बिक्री आंकड़ों, रजिस्ट्री डेटा और फील्ड सर्वे के आधार पर नई दरें तय की हैं। जिन ग्रामीण इलाकों में पुरानी दरें बेहद कम थीं, वहां बड़ा सुधार किया गया, जबकि शहरी क्षेत्रों में अत्यधिक बढ़ी दरों को संतुलित किया गया। इससे नीति में व्यवहारिकता और संवेदनशीलता दोनों दिखाई देती हैं।
आम लोगों के लिए राहत, सौदों में लौटी रफ्तार
नई गाइडलाइन लागू होने के बाद प्लॉट और घरों की खरीद में हलचल बढ़ी है। रियल एस्टेट से जुड़े लोगों का कहना है कि खरीदारों का भरोसा लौटा है और रजिस्ट्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है। इससे मध्यम वर्ग के परिवारों को घर खरीदने का निर्णय लेने में आसानी हुई है।
ग्रामीण इलाकों में सरलीकरण से बढ़ी सुविधा
ग्रामीण क्षेत्रों में भूखंड मापदंडों को सरल किया गया है, जिससे आम नागरिक को मूल्यांकन समझने में दिक्कत नहीं होती। पहले जटिल दर संरचना के कारण लोग भ्रमित रहते थे, अब सीधे और स्पष्ट दरों से सौदे आसान हुए हैं।
किसानों को भूमि अधिग्रहण में बेहतर मुआवजा
नई दरें वास्तविक बाजार मूल्य के करीब होने से भूमि अधिग्रहण के मामलों में किसानों को पहले की तुलना में बेहतर मुआवजा मिलने की उम्मीद बढ़ी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के प्रति भरोसा भी मजबूत हुआ है।
बैंकिंग और होम लोन प्रक्रिया में आया सुधार
गाइडलाइन दरों के अपडेट से बैंकों के लिए संपत्ति का मूल्यांकन अधिक यथार्थवादी हो गया है। होम लोन स्वीकृति में पारदर्शिता बढ़ी है और खरीदारों को फाइनेंसिंग में कम अड़चनें आ रही हैं।
नई परियोजनाओं को मिला प्रोत्साहन
डेवलपर्स के लिए संतुलित दरें परियोजना लागत तय करने और फंडिंग प्लान बनाने में मददगार साबित हो रही हैं। नई कॉलोनियों और टाउनशिप योजनाओं को गति मिली है, जिससे रोजगार और शहरी विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
राजस्व बढ़ा, इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा फायदा
पारदर्शी रजिस्ट्री और बढ़ते लेनदेन से स्टांप शुल्क संग्रह में स्थिरता आई है। इससे सड़कों, जलापूर्ति और शहरी सुविधाओं जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।
स्व-नामांतरण से समय और प्रक्रिया दोनों की बचत
रजिस्ट्री के साथ नामांतरण प्रक्रिया को जोड़ने से लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे। यह बदलाव प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
निवेश के लिए बना अनुकूल माहौल
नई गाइडलाइन दरों और डिजिटल प्रक्रियाओं के चलते छत्तीसगढ़ निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है। पारदर्शी नीति से बाहरी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और राज्य को रियल एस्टेट हब के रूप में पहचान मिलने लगी है।






