सीजी भास्कर 1 मार्च ‘द केरल स्टोरी 2’ की चर्चा के बीच इसके पहले भाग के निर्देशक Sudipto Sen ने सेंसर बोर्ड के रवैये पर खुलकर सवाल खड़े किए हैं। अपनी अगली फिल्म Charak के ट्रेलर लॉन्च के दौरान उन्होंने कहा कि CBFC Double Standard Controversy अब किसी एक फिल्म तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह पूरी इंडस्ट्री की समस्या बन चुकी है। उनके मुताबिक, सच्ची घटनाओं पर बनी फिल्मों को बार-बार संदेह की नजर से देखा जाता है।
हिंसा वाली फिल्मों को ‘स्टाइलिश’ छूट क्यों?
निर्देशक ने सवाल उठाया कि खुलेआम हिंसा दिखाने वाली मेनस्ट्रीम फिल्मों को अपेक्षाकृत आसानी से सर्टिफिकेट मिल जाता है, जबकि सामाजिक सच्चाइयों पर आधारित फिल्मों को ‘प्रोपेगैंडा’ कहकर कठघरे में खड़ा कर दिया जाता है। उन्होंने Animal और Dhurandhar जैसी चर्चित फिल्मों का जिक्र करते हुए कहा कि दर्शक स्टाइलिश एक्शन को सहजता से स्वीकार कर लेते हैं, लेकिन जब सिनेमा आईना दिखाता है तो आपत्तियां खड़ी हो जाती हैं। इस पूरे बहस में CBFC Double Standard Controversy का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है।
1952 का कानून, 2026 का सिनेमा
सुदिप्तो सेन ने यह भी कहा कि सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली आज भी Central Board of Film Certification के पुराने ढांचे से संचालित होती है। उन्होंने याद दिलाया कि Shyam Benegal Committee की सिफारिशों को स्वीकार तो किया गया, मगर जमीन पर उनका असर अधूरा है। उनके मुताबिक, सिनेमा बदल चुका है, दर्शक बदल चुके हैं, मगर नियमों की भाषा अब भी दशकों पीछे अटकी है—यही वजह है कि CBFC Double Standard Controversy बार-बार सामने आती रहती है।
फिल्ममेकर्स का दर्द कौन सुनेगा?
निर्देशक ने कहा कि सेंसर की प्रक्रिया से गुजरते वक्त फिल्ममेकर्स मानसिक दबाव झेलते हैं। बार-बार कट्स, आपत्तियां और लेबलिंग से रचनात्मक आज़ादी प्रभावित होती है। उन्होंने अपील की कि इंडस्ट्री से जुड़े लोग इस विषय पर खुलकर बात करें, ताकि नीति-निर्माताओं तक संदेश पहुंचे। उनके शब्दों में, जब तक रचनाकार अपनी बात नहीं रखेंगे, CBFC Double Standard Controversy यूं ही दोहराई जाती रहेगी।
‘चरक’ की टीम और आगे की राह
फिल्म Charak को Pen Studios के बैनर तले बनाया गया है। इसमें Anjali Patil, Nalneesh Neel जैसे कलाकार नजर आएंगे, जबकि निर्देशन Shiladitya Moulik ने किया है। निर्माताओं का मानना है कि फिल्म कंटेंट के स्तर पर ईमानदार है और उम्मीद है कि दर्शक इसे उसी नजर से देखेंगे। इस पूरी बहस के बीच CBFC Double Standard Controversy इंडस्ट्री में सुधार की मांग को और तेज कर रही है।






