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Mothers become the biggest hope for organ donation : पांच साल में 131 मांओं ने बच्चों को दिया नया जीवन

By Newsdesk Admin 11/05/2026
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सीजी भास्कर, 10 मई । छत्तीसगढ़ में अंगदान के मामलों में माताओं की सबसे बड़ी भागीदारी सामने आई है। पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में हुए 351 अंगदान मामलों में 131 मामलों में माताओं ने अपने बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए अंगदान किया। (Mothers become the biggest hope for organ donation)

Contents
पांच साल में बढ़े अंगदान के मामले : Mothers become the biggest hope for organ donationसौतेली मां ने बेटी को दी नई जिंदगीविशेषज्ञ बोले- माताएं त्याग और समर्पण की प्रतीक

आंकड़ों के अनुसार, कुल अंगदान मामलों में माताओं की हिस्सेदारी 37 प्रतिशत से अधिक रही है। इनमें एक ऐसा मामला भी शामिल है, जिसमें सौतेली मां ने अपनी बेटी को किडनी दान कर नई जिंदगी दी।

पांच साल में बढ़े अंगदान के मामले : Mothers become the biggest hope for organ donation

प्रदेश में वर्ष 2022 से 2026 के बीच कुल 351 अंगदान के मामले दर्ज किए गए। इनमें सबसे ज्यादा मामले किडनी ट्रांसप्लांट से जुड़े रहे, जबकि लीवर दान के मामले अपेक्षाकृत कम सामने आए। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि परिवार के प्रति समर्पण और भावनात्मक जुड़ाव के कारण माताएं अंगदान के लिए सबसे पहले आगे आती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, जीवित अंगदान में व्यक्ति अपनी एक किडनी, लीवर का हिस्सा, बोन मैरो या रक्त दान कर सकता है। वहीं, मृत्यु के बाद होने वाले अंगदान में हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और आंखों समेत कई अंग जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित किए जा सकते हैं।

सौतेली मां ने बेटी को दी नई जिंदगी

प्रदेश में वर्ष 2024 में एक अनूठा मामला सामने आया, जहां एक सौतेली मां ने अपनी बेटी को किडनी दान कर उसकी जान बचाई। बेटी को कम उम्र में ही किडनी की गंभीर बीमारी का पता चला था, जिसके बाद परिवार चिंता में था। इसी दौरान उसकी सौतेली मां ने आगे बढ़कर अंगदान करने का फैसला लिया।

किडनी ट्रांसप्लांट के बाद मां और बेटी दोनों स्वस्थ हैं। परिवार का कहना है कि मां ने कभी भी रिश्तों में सौतेलेपन का एहसास नहीं होने दिया और हर मुश्किल घड़ी में साथ खड़ी रहीं। इस घटना ने समाज में अंगदान और पारिवारिक रिश्तों को लेकर नई मिसाल पेश की है।

विशेषज्ञ बोले- माताएं त्याग और समर्पण की प्रतीक

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय समाज में मां को त्याग और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि जब परिवार में किसी सदस्य को अंगदान की जरूरत पड़ती है, तो माताएं सबसे पहले आगे आती हैं। Mothers become the biggest hope for organ donation

विशेषज्ञों ने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने की अपील करते हुए कहा कि समय पर किया गया अंगदान कई लोगों की जिंदगी बचा सकता है।

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