Holi Emergency Service : भिलाई के वैशाली नगर क्षेत्र में इस बार होली सिर्फ रंगों का ही नहीं, बल्कि जनसेवा का भी पर्व बन गई। होली के दिन भाजपा विधायक रिकेश सेन ने एक अलग पहल करते हुए खुद एंबुलेंस की कमान संभाली और देर रात तक क्षेत्र के 37 वार्डों में गश्त करते रहे। दरअसल त्योहार के दौरान किसी भी मेडिकल इमरजेंसी या हादसे की स्थिति में तुरंत मदद मिल सके, इसी सोच के साथ उन्होंने यह कदम उठाया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विधायक को खुद एंबुलेंस चलाते देख कई लोग हैरान भी हुए और प्रभावित भी।
‘Holi Emergency Service’ के तहत सड़कों पर उतरे विधायक
विधायक रिकेश सेन ने इस पहल को एक तरह की (Holi Emergency Service) का नाम दिया। वेंटिलेटर से लैस एंबुलेंस के साथ वे लगातार अलग-अलग वार्डों में घूमते रहे और जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद देने की तैयारी में रहे। उनके साथ स्वास्थ्य कर्मियों की टीम भी मौजूद थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में इलाज शुरू किया जा सके। इस दौरान कई जगह लोगों ने एंबुलेंस रोककर विधायक से बातचीत भी की और इस पहल की सराहना की।

लाउडस्पीकर से लोगों को दी सुरक्षा की सीख
गश्त के दौरान विधायक ने केवल निगरानी ही नहीं की, बल्कि माइक के जरिए लोगों को सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उन्होंने युवाओं से ट्रिपल राइडिंग न करने, हेलमेट पहनकर वाहन चलाने और शराब पीकर ड्राइविंग से बचने की अपील की। उनके अनुसार, त्योहार का असली आनंद तभी है जब हर परिवार सुरक्षित रहे और किसी के घर से दुखद खबर न आए। इस दौरान कई जगह पुलिस और स्थानीय लोगों ने भी इस पहल में सहयोग किया।
जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी पर दिया संदेश
इस पहल को लेकर विधायक रिकेश सेन ने कहा कि जनप्रतिनिधि का काम केवल विकास कार्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी भी क्षेत्र की शांति और नागरिकों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर त्योहार शांति से बीत जाए और कोई बड़ी दुर्घटना न हो, तो वही उनकी सबसे बड़ी खुशी होगी। उनकी यह पहल अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है और लोग इसे जिम्मेदार जनसेवा की मिसाल मान रहे हैं।
लोगों में दिखा सकारात्मक असर
वैशाली नगर और आसपास के इलाकों में इस पहल का असर भी देखने को मिला। कई युवाओं ने हेलमेट पहनकर वाहन चलाना शुरू किया, वहीं कुछ जगह लोगों ने खुद ही सड़कों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि हर त्योहार पर इस तरह की पहल हो, तो कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।





