बस्तर। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए राशन कार्ड से जुड़े सभी सदस्यों का ई-केवाईसी कराना अनिवार्य किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राशन का लाभ सही पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। हालांकि जमीनी स्तर पर यह प्रक्रिया अपेक्षित गति से पूरी नहीं हो पा रही है, जिसके कारण कई स्थानों पर वितरण व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। फिलहाल प्रशासन इस मुद्दे को (Ration e-KYC Update) के रूप में गंभीरता से ले रहा है।
हजारों सदस्यों का ई-केवाईसी अब भी बाकी
जिले के आंकड़ों के अनुसार राशन कार्ड में कुल 8 लाख 29 हजार से अधिक सदस्य दर्ज हैं। इनमें से अभी भी करीब 92 हजार से ज्यादा सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हो पाया है। कई बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग इस प्रक्रिया से बाहर हैं। अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी और तकनीकी दिक्कतों के कारण यह प्रक्रिया धीमी पड़ रही है। इसी वजह से (Bastar Ration System) को लेकर प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
ई-केवाईसी नहीं होने से रुक रहा राशन
राशन कार्ड से जुड़े नियमों के मुताबिक यदि कार्ड में दर्ज किसी सदस्य का ई-केवाईसी पूरा नहीं होता, तो उस परिवार के राशन वितरण में समस्या आ सकती है। इसका सबसे अधिक असर एपीएल कार्डधारियों पर पड़ रहा है, क्योंकि उनके कार्ड में यदि एक भी सदस्य का सत्यापन अधूरा है तो पूरे परिवार को राशन नहीं मिल पाता। इस कारण कई परिवारों को आवश्यक खाद्यान्न मिलने में परेशानी हो रही है। प्रशासन इसे (Public Distribution System) की चुनौती के रूप में देख रहा है।
चावल आवंटन में भी दिखा असर
जिले में राशन वितरण के आंकड़ों में भी इस स्थिति का असर दिखाई देने लगा है। फरवरी महीने में जहां लगभग 73 हजार क्विंटल चावल का आवंटन हुआ था, वहीं मार्च में यह घटकर करीब 71 हजार क्विंटल रह गया है। अधिकारियों का मानना है कि जिन लाभार्थियों का ई-केवाईसी पूरा नहीं हुआ है, उनके नाम अस्थायी रूप से सूची से बाहर होने के कारण यह कमी देखी जा रही है।
अधिकारियों की अपील – जल्द पूरी करें प्रक्रिया
खाद्य विभाग के अधिकारियों ने हितग्राहियों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपने राशन कार्ड से जुड़े सभी सदस्यों का ई-केवाईसी पूरा कराएं। इसके लिए नजदीकी राशन दुकान या निर्धारित केंद्रों पर जाकर आधार आधारित सत्यापन कराया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि समय पर प्रक्रिया पूरी होने से राशन वितरण में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी और पात्र परिवारों को नियमित रूप से खाद्यान्न मिलता रहेगा। यह पहल (e-KYC Process) को तेजी से पूरा करने के लिए भी जरूरी मानी जा रही है।





