जगदलपुर। बस्तर के प्रमुख आस्था केंद्र मां दंतेश्वरी मंदिर में चैत्र नवरात्र के पहले मनोकामना ज्योत के शुल्क में बदलाव किया गया है। मंदिर समिति ने व्यवस्थागत खर्च और धार्मिक आयोजन की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। अब मंदिर में ज्योत प्रज्ज्वलित कराने वाले श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक राशि अदा करनी होगी। फिलहाल यह निर्णय (Danteshwari Temple Jyot Price) को लेकर श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है।
तेल और घी दोनों ज्योत के शुल्क में वृद्धि
मंदिर प्रबंधन के अनुसार अब तेल की मनोकामना ज्योत के लिए 751 रुपये और घी की ज्योत के लिए 1751 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है। इससे पहले तेल की ज्योत 701 रुपये और घी की ज्योत 1651 रुपये में उपलब्ध थी। समिति का कहना है कि समय के साथ बढ़ती लागत और मंदिर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के लिए यह बदलाव आवश्यक हो गया था। यह निर्णय अब (Navratri Jyot Booking) से जुड़ी व्यवस्थाओं का हिस्सा बन गया है।
व्यवस्थाओं और धार्मिक आयोजनों का बढ़ा खर्च
मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि पिछले कुछ समय में मंदिर परिसर की साफ-सफाई, दीप व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और पुजारियों के मानदेय जैसे खर्चों में वृद्धि हुई है। इसके अलावा नवरात्र जैसे बड़े पर्व के दौरान अतिरिक्त व्यवस्थाएं भी करनी पड़ती हैं। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए समिति ने ज्योत के शुल्क में मामूली बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है।
चैत्र नवरात्र में हजारों ज्योत जलाने की तैयारी
इस वर्ष चैत्र नवरात्र का पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान मां दंतेश्वरी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए ज्योत प्रज्ज्वलित करते हैं। मंदिर समिति ने इस बार लगभग 4 हजार मनोकामना ज्योत जलाने का लक्ष्य तय किया है। इसी के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए (Online Jyot Booking) की व्यवस्था भी शुरू की गई है, जिससे दूर-दराज के लोग भी आसानी से अपनी ज्योत बुक कर सकें।
मावली मंदिर में भी निभाई जाएगी परंपरा
नवरात्र पर्व के दौरान दंतेश्वरी मंदिर के साथ-साथ मावली मंदिर में भी मनोकामना ज्योत जलाने की परंपरा निभाई जाती है। हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दरबार में दीप जलाकर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ण होने की कामना करते हैं। बस्तर क्षेत्र में नवरात्र का यह धार्मिक आयोजन विशेष आस्था और उत्साह के साथ मनाया जाता है।





