जगदलपुर शहर में इन दिनों Stray Cattle Problem तेजी से गंभीर होती नजर आ रही है। मुख्य मार्गों को छोड़ दिया जाए तो कई अंदरूनी और व्यस्त सड़कों पर मवेशियों का जमावड़ा आम दृश्य बन गया है। राहगीरों और वाहन चालकों को अक्सर सड़क के बीच बैठे पशुओं के कारण रुकना या रास्ता बदलना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में यह समस्या और बढ़ गई है।
अनुपमा चौक से धरमपुरा मार्ग तक मवेशियों का कब्जा
शहर के अनुपमा चौक से धरमपुरा पीजी कॉलेज जाने वाले मार्ग पर अक्सर बड़ी संख्या में मवेशी सड़क के बीच बैठे दिखाई देते हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी तरह पीजी कॉलेज से कालीपुर जाने वाले रास्ते पर भी यही हाल देखने को मिल रहा है। इस तरह की स्थिति को कई लोग Road Safety Issue से जोड़कर देख रहे हैं।
कई इलाकों में रोज दिखता है यही नजारा
कुम्हारपारा, शहीद पार्क, संजय बाजार और गीदम मार्ग जैसे व्यस्त इलाकों में भी सड़क किनारे या बीचों-बीच मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। नया बस स्टैंड मार्ग पर भी यातायात के दौरान लोगों को कई बार रुककर इंतजार करना पड़ता है। शहर के कुछ हिस्सों में तो यह स्थिति रोजमर्रा की बात बन गई है। इससे न सिर्फ यातायात बाधित होता है बल्कि लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है।
शाम के समय बढ़ जाता है खतरा
स्थानीय लोगों के मुताबिक शाम ढलने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाती है। अंधेरा होने पर सड़क पर बैठे मवेशी दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे वाहन चालकों को अचानक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार हल्की-फुल्की टक्कर की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति को Urban Traffic Hazard के रूप में देखा जा सकता है।
नगरपालिका के दावे, लेकिन असर नहीं
नगरपालिका की ओर से पहले पशु पालकों पर जुर्माना लगाने और आवारा मवेशियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की बात कही गई थी। अधिकारियों ने दावा किया था कि शहर में विशेष टीम बनाकर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि जमीन पर इस अभियान का असर फिलहाल दिखाई नहीं दे रहा है।
स्थायी समाधान की मांग कर रहे शहरवासी
लगातार बढ़ती परेशानी को देखते हुए अब शहर के लोग प्रशासन से ठोस और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस समस्या पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ सकता है। नागरिकों का सुझाव है कि नियमित कार्रवाई और निगरानी के जरिए इस Stray Cattle Management समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।





