सीजी भास्कर 10 मार्च छत्तीसगढ़ के Baloda Bazar जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। भाटापारा की अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत के इस POCSO Case Verdict को गंभीर अपराधों के खिलाफ कड़ा संदेश माना जा रहा है।
शादी का झांसा देकर नाबालिग को ले गया था बाहर
मामला Bhatapara ग्रामीण थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी नाबालिग बहन अचानक घर से लापता हो गई है। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी Kishor Verma उसे शादी का झांसा देकर अपने साथ ले गया था। पुलिस ने इस घटना को Minor Kidnapping Case के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की।
इंदौर और भोपाल ले जाकर बनाया दबाव
पीड़िता के बयान के अनुसार आरोपी उसे अपने साथ मध्य प्रदेश के शहरों में ले गया, जहां उसने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान पीड़िता गर्भवती भी हो गई थी और बाद में उसका गर्भपात हो गया। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी उसके साथ मारपीट करता था। पुलिस जांच में यह मामला Minor Rape Case के रूप में सामने आया, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
अदालत ने कई धाराओं में सुनाई सजा
मामले की सुनवाई भाटापारा की अदालत में हुई, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश Satish Kumar Jaiswal ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की अलग-अलग धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत सजा सुनाते हुए आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले को Court Sentence India के तहत एक कड़ा न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
पुलिस जांच और अभियोजन की अहम भूमिका
मामले में शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक Sanjay Bajpai ने की, जबकि प्रकरण की जांच सहायक उपनिरीक्षक Pushpa Rathore द्वारा की गई। पुलिस ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र अदालत में पेश किया, जिसके बाद अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया।





