सीजी भास्कर, 10 मार्च। छत्तीसगढ़ के Bhilai स्थित Sparsh Multispeciality Hospital में एक बुजुर्ग मरीज के इलाज को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। 85 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ के कारण अस्पताल लाया गया था, लेकिन परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण उनकी हालत और बिगड़ गई। यह मामला अब Medical Negligence Case के रूप में चर्चा में है और स्वास्थ्य विभाग तक शिकायत पहुंच चुकी है।

प्रक्रिया के दौरान हुई गंभीर चिकित्सकीय जटिलता
परिजनों के मुताबिक इलाज के दौरान मरीज को कैथेटर लगाने की प्रक्रिया की गई, जिसमें कथित रूप से अनुभवहीन स्टाफ को शामिल किया गया। आरोप है कि इसी प्रक्रिया के दौरान गंभीर जटिलता पैदा हो गई और बुजुर्ग को लगातार रक्तस्राव की समस्या होने लगी।

परिवार का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में स्थिति को सामान्य बताते हुए उन्हें आश्वस्त किया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर Hospital Negligence के आरोप लगाए गए हैं।
अटेंडेंट द्वारा की गई बलपूर्वक प्रक्रिया के कारण बुजुर्ग का यूरिनरी ब्लैडर फट गया और भारी रक्तस्राव होने लगा। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने इस गंभीर चोट को छिपाए रखा और डिस्चार्ज के बाद भी ब्लीडिंग होने पर इसे “सामान्य प्रक्रिया” बताकर गुमराह किया।

दिव्या शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब वे अपने दादाजी को दूसरे अस्पताल ले जाना चाहती थीं तो स्पर्श अस्पताल के प्रबंधन ने उन्हें घंटों तक “डॉक्टर आने वाले हैं” का झांसा देकर रोके रखा और दूसरे विशेषज्ञ के पास जाने से रोका।
प्रबंधन और फ्लोर मैनेजर का व्यवहार इतना गैर-जिम्मेदाराना था कि उन्होंने सिस्टोस्कोपी में दिख रहे स्पष्ट साक्ष्यों के बावजूद अपनी गलती मानने से इनकार कर दिया।
बाद में जांच में सामने आई गंभीर चोट
परिजनों का कहना है कि जब कुछ दिनों बाद भी मरीज की स्थिति सामान्य नहीं हुई तो विशेषज्ञ डॉक्टरों से जांच कराई गई। जांच के दौरान मूत्राशय में गंभीर चोट की जानकारी सामने आई। चिकित्सकीय भाषा में इसे Bladder Rupture Case माना जाता है, जो कि एक गंभीर स्थिति होती है और तत्काल इलाज की आवश्यकता पड़ती है।

परिजनों ने प्रशासन से की शिकायत : Medical Negligence Case
मामले को लेकर मरीज के परिवार ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से लिखित शिकायत की है। शिकायत में अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। परिवार का कहना है कि वे पूरे मामले की निष्पक्ष जांच चाहते हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके। यह प्रकरण अब Chhattisgarh Health Complaint के रूप में अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है।

स्वास्थ्य विभाग ने कहा – मामले की होगी जांच
इस संबंध में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर इसे गंभीर मामला माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अस्पताल प्रबंधन की प्रतिक्रिया का इंतजार : Chhattisgarh Health Complaint
मामले में अस्पताल प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जानकारी के अनुसार संबंधित पक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। पक्ष जानने के लिए स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर दीपक वर्मा से मोबाइल पर सम्पर्क असफल रहा। वहीं परिवार का कहना है कि वे इस मामले को कानूनी स्तर तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं।
दिव्या ने कहा कि “मेरे दादाजी स्वस्थ अवस्था में अस्पताल गए थे लेकिन वहां के डॉक्टर ने उन्हें एक नौसिखिए के हाथों में सौंप दिया। यह इलाज नहीं, बल्कि अपराध है। हम दोषियों की गिरफ्तारी और अस्पताल का लाइसेंस रद्द होने तक चुप नहीं बैठेंगे।”
गौरतलब हो कि स्पर्श मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल पर बेसमेंट में मेनीफोल्ड रूम और आक्सीजन प्लांट संचालित किए जाने की शिकायत पर पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी आर्गेनाइजेशन ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद हास्पीटल ने वेबसाइट पर इंफ्रास्ट्रक्चर डिटेल में बेसमेंट पर संचालित आक्सीजन प्लांट और मेनीफोल्ड रूम को हटा कर यूटिलिटी और पार्किंग लिख दिया जबकि 100 बिस्तर इस अस्पताल की पार्किंग न होने की याचिका पर हाई कोर्ट ने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को 45 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

भिलाई निगम के दस्तावेजों में पार्किंग को लेकर कोई भी दस्तावेज उपलब्ध न होने की बात सामने आई है। ऐसे में वर्ष 2014 से संचालित इस अस्पताल को नर्सिंग होम एक्ट के तहत 100 बिस्तर की परमिशन कैसे मिली यह भी जांच के दायरे में है।

विदित हो कि ब्लेडर रैप्चर (मूत्राशय का फटना) एक गंभीर चिकित्सीय स्थिति है जहाँ मूत्राशय की दीवार फट जाती है, जिससे ब्लिडिंग और मूत्र पेट के निचले हिस्से में रिसने लगता है।
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