सीजी भास्कर 11 मार्च छत्तीसगढ़ के Mungeli जिले में शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति उस समय सामने आ गई, जब औचक निरीक्षण के दौरान एक सरकारी स्कूल पूरी तरह बंद मिला। निर्धारित समय के बाद भी स्कूल परिसर में ताला लगा हुआ था और कोई भी शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं था। जिला शिक्षा अधिकारी के इस School Inspection Mungeli के दौरान सामने आई लापरवाही ने स्थानीय शिक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
DEO के निरीक्षण में सामने आई लापरवाही
जिले के कलेक्टर Kundan Kumar के निर्देश पर स्कूलों की कार्यप्रणाली की लगातार समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में जिला शिक्षा अधिकारी L. P. Dahire ने विकासखंड के कई शासकीय विद्यालयों का DEO Surprise Inspection किया। निरीक्षण के दौरान सुबह करीब 10 बजे शासकीय प्राथमिक शाला किंगरियापारा का स्कूल बंद मिला, जहां कोई भी शिक्षक या स्टाफ उपस्थित नहीं था।
दूसरे स्कूल में भी शिक्षक मिले अनुपस्थित
निरीक्षण के दौरान शासकीय प्राथमिक शाला झिटकनिया में भी स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई। यहां शिक्षक एस. एस. बघेल और शिक्षिका एस. चंद्राकर बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। अधिकारियों ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना और तत्काल Teacher Absence Action के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।
अनुशासनहीनता पर सख्त रुख, वेतन काटने के निर्देश
विद्यालय निर्धारित समय तक बंद मिलने और शिक्षकों के बिना अनुमति अनुपस्थित रहने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों में समय पर उपस्थिति और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना शिक्षकों की जिम्मेदारी है। लापरवाही को देखते हुए संबंधित शिक्षकों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग की ओर से यह Education Department Action यह संकेत देता है कि अब स्कूलों में अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ाई जाएगी।





