सीजी भास्कर, 15 मार्च। अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की जोड़ी जब भी बड़े पर्दे पर साथ (Bhooth Bangla) आती है, दर्शकों की उम्मीदें अपने आप बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि ‘भूत बंगला’ को लेकर जैसे ही चर्चा तेज हुई, वैसे ही फिल्म के आगे सीक्वल, फ्रेंचाइज़ और पुराने हिट फॉर्मूले से जोड़कर भी सवाल उठने लगे। अब निर्देशक प्रियदर्शन ने इस पूरे मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया है। हालिया बातचीत में उन्होंने संकेत दिया कि वह अपनी फिल्मों के सीक्वल बनाने के खास समर्थक नहीं हैं। उनका मानना है कि कई बार सीक्वल का चलन मूल फिल्म की लोकप्रियता का इस्तेमाल भर बनकर रह जाता है, जबकि नई फिल्म की अपनी अलग आत्मा होनी चाहिए।
प्रियदर्शन का यह रुख इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि ‘भूत बंगला’ को लेकर सोशल मीडिया और फिल्म सर्किट में लगातार यह चर्चा चल रही थी कि क्या इसे आगे किसी फ्रेंचाइज़ की तरह बढ़ाया जा सकता है। लेकिन उपलब्ध ताजा रिपोर्ट्स यही इशारा करती हैं कि निर्देशक फिलहाल इस फिल्म को एक स्वतंत्र कहानी के रूप में पेश करना चाहते हैं, न कि किसी स्थापित टाइटल की अगली कड़ी के रूप में। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘भूत बंगला’ को किसी पुरानी हॉरर-कॉमेडी या मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की सीधी अगली कड़ी समझना गलत होगा। उनके अनुसार यह फिल्म अपनी दुनिया, अपने टोन और अपने ट्रीटमेंट के साथ अलग पहचान रखती है।
असल दिलचस्पी यहां इस बात में है कि प्रियदर्शन ने सिर्फ सीक्वल की संभावना को लेकर दूरी नहीं बनाई, बल्कि यह भी जताया कि वह कहानी की मौलिकता को ज्यादा (Bhooth Bangla) महत्व देते हैं। यानी अगर दर्शक ‘भूत बंगला’ को देखकर आगे दूसरे भाग की मांग करें भी, तब भी निर्देशक का फैसला सीधे बाजार की मांग पर आधारित होगा, इसकी संभावना कम दिखती है। अभी तक जो संकेत मिले हैं, उनसे यही लगता है कि उनकी प्राथमिकता पहले फिल्म को एक मजबूत, संपूर्ण और अलग सिनेमाई अनुभव के रूप में स्थापित करना है। यही वजह है कि उन्होंने फिल्म की तुलना किसी दूसरी हिट फिल्म की विरासत से करने के बजाय उसकी शैली को “फैंटेसी” और “अलग टोन” वाली प्रस्तुति के रूप में सामने रखा।
सीक्वल पर क्या बोले प्रियदर्शन?
हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रियदर्शन ने साफ कहा है कि उन्हें अपनी फिल्मों के सीक्वल बनाना पसंद नहीं है। उनका मानना है कि कई बार सीक्वल मूल फिल्म की पहचान का दोहन बन जाते हैं, इसलिए वह नई कहानी को नई तरह से पेश करने के पक्ष में रहते हैं।
‘भूत बंगला’ को लेकर एक और बड़ी बात यह है कि इसे दर्शक सिर्फ अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की पुरानी सफल जोड़ी के कारण नहीं देख रहे, बल्कि इसलिए भी क्योंकि फिल्म का शुरुआती प्रचार एक अलग किस्म की हॉरर-कॉमेडी दुनिया की झलक देता है। हालिया टीज़र और प्रमोशनल अपडेट्स से यह साफ है कि फिल्म में डर और हास्य का मिश्रण जरूर होगा, लेकिन इसे किसी पुराने सफल ब्रांड की कॉपी या विस्तार के तौर पर पेश नहीं किया जा रहा। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी ने भी चर्चा को और तेज किया है।
यही कारण है कि ‘भूत बंगला’ के सीक्वल पर फिलहाल उत्साह तो है, लेकिन आधिकारिक दिशा नहीं। अभी तक सामने आई जानकारी में कहीं भी ऐसा ठोस संकेत नहीं है कि मेकर्स ने दूसरे भाग पर काम शुरू (Bhooth Bangla) कर दिया है। उल्टा, निर्देशक के बयानों से यही धारणा मजबूत होती है कि वह पहले इस फिल्म को उसके अपने दम पर खड़ा देखना चाहते हैं। ऐसे में साफ कहा जा सकता है कि अभी ‘भूत बंगला 2’ जैसी चर्चा ज्यादा अटकलों पर टिकी है, जबकि प्रियदर्शन का मौजूदा प्लान फिल्म को एक स्वतंत्र प्रोजेक्ट की तरह ही रखना दिखता है।
क्या ‘भूत बंगला’ किसी पुरानी फिल्म का सीक्वल है?
नहीं, हाल की रिपोर्ट्स के अनुसार प्रियदर्शन ने साफ किया है कि ‘भूत बंगला’ किसी पुरानी फिल्म का सीक्वल नहीं है। उन्होंने इसे एक अलग फैंटेसी-हॉरर कॉमेडी ट्रीटमेंट वाली फिल्म बताया है।
फिल्म इंडस्ट्री में इस समय फ्रेंचाइज़ मॉडल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन प्रियदर्शन का नजरिया उससे थोड़ा अलग दिखता है। वह कहानी की पहचान को नाम से ज्यादा महत्व देते हैं। यही वजह है कि ‘भूत बंगला’ के मामले में उनकी रणनीति जल्दबाजी में अगली कड़ी घोषित करने की नहीं, बल्कि पहले दर्शकों के सामने एक ठोस और यादगार फिल्म रखने की दिखती है। दर्शकों के लिए भी यह दिलचस्प होगा कि क्या यह फिल्म अपनी रिलीज के बाद ऐसी मांग पैदा करती है, जो निर्देशक को भविष्य में रुख बदलने पर मजबूर करे। मगर अभी की तस्वीर यही कहती है कि सीक्वल पर ब्रेक लगा हुआ है और फोकस सिर्फ पहली फिल्म को खास बनाने पर है।





