सीजी भास्कर, 15 मार्च। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां सुपेला क्षेत्र के भेलवा तालाब में नहाने गए 16 वर्षीय किशोर की डूबने (Teenage Drowning Case) से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि किशोर अपने दोस्तों के साथ तालाब पहुंचा था, लेकिन नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया। कुछ ही पलों में स्थिति बिगड़ गई और साथ मौजूद दोस्तों को संभलने का मौका भी नहीं मिला। इस घटना के बाद इलाके में शोक और बेचैनी का माहौल बन गया।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है। वह अपने पांच दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था। इसी दौरान पानी की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने के कारण वह डूबने लगा। शुरुआती पल में साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी ज्यादा गहरा होने की वजह से वे सफल नहीं हो सके। घटना की भनक लगते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद किशोर का शव तालाब से बाहर निकाला गया। इस दर्दनाक हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है, वहीं मोहल्ले में भी मातम पसरा हुआ है। एक हंसता-खेलता बच्चा अचानक इस तरह हादसे का शिकार हो गया, जिससे हर कोई स्तब्ध है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी बढ़ने के साथ तालाबों और जलाशयों में नहाने के लिए बच्चों और युवाओं की आवाजाही बढ़ जाती है, लेकिन कई बार जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित (Teenage Drowning Case) हो जाती है। ऐसे मामलों में पानी की गहराई, फिसलन और अचानक संतुलन बिगड़ना बड़ा खतरा बन जाता है। दुर्ग की यह घटना भी एक बार फिर यही सवाल खड़ा करती है कि खुले जलस्रोतों के आसपास सुरक्षा को लेकर जागरूकता कितनी जरूरी है।
फिलहाल सुपेला थाना पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई शुरू कर दी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और उस समय मौके पर मौजूद लोगों ने क्या देखा। साथ ही अन्य बच्चों और प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। शुरुआती तौर पर मामला हादसे का माना जा रहा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।
यह हादसा सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे इलाके के लिए चेतावनी (Teenage Drowning Case) भी है। नाबालिग बच्चों का बिना सुरक्षा इंतजाम के तालाब या गहरे पानी वाले स्थानों पर जाना कितना खतरनाक हो सकता है, यह घटना उसकी दर्दनाक मिसाल बन गई है। प्रशासन और परिजनों दोनों के लिए यह समय सतर्कता बढ़ाने का है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





