Raigarh Opium Farming Case 2026 : Raigarh जिले में अवैध अफीम की खेती का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। एक बार फिर लैलूंगा थाना क्षेत्र से सामने आए मामले ने प्रशासन और पुलिस दोनों को सतर्क कर दिया है। बीते कुछ दिनों में लगातार मिल रही सूचनाएं इस बात का संकेत दे रही हैं कि यह समस्या अब अलग-अलग हिस्सों में फैलती जा रही है।
लैलूंगा क्षेत्र में फिर मिली संदिग्ध फसल
Lailunga area Raigarh के ग्रामीण इलाके में अफीम की खेती किए जाने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। खेतों में उगाई गई फसल की जांच की जा रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
17 दिनों में पांचवां मामला, दो दिन में दूसरा खुलासा
आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति और गंभीर नजर आती है। महज 17 दिनों के भीतर यह पांचवां मामला सामने आया है, जबकि पिछले दो दिनों में ही दूसरा खुलासा हुआ है। इससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि जिले में इस तरह की गतिविधियां संगठित तरीके से चल रही हैं।
बाहरी व्यक्ति पर शक, लंबे समय से कर रहा था खेती
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक बाहरी व्यक्ति, जो झारखंड का निवासी बताया जा रहा है, कई वर्षों से इस इलाके में खेती कर रहा था। उसने जमीन दूसरे फसलों के नाम पर ली, लेकिन अंदर ही अंदर अफीम की खेती शुरू कर दी।
पहले भी Tamnara block Amaghat में पकड़ी गई थी खेती
इससे पहले तमनार ब्लॉक के आमाघाट क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था और खुफिया सूचना तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अन्य जिलों तक फैले नेटवर्क की आशंका
प्रदेश के Durg और Balrampur जैसे जिलों में भी हाल ही में ऐसे ही मामले सामने आए हैं। इससे यह आशंका गहराने लगी है कि कहीं यह नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला हुआ न हो।
पुलिस की जांच तेज, बड़े खुलासे की उम्मीद
पुलिस और प्रशासन अब इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क की गहराई तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध खेती के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और उनकी सप्लाई चेन कहां तक जाती है।


