Bastar Naxal Free Development 2026 : Bastar क्षेत्र में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी सफलता का दावा किया गया है। सरकार के मुताबिक, इलाके का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा अब नक्सली प्रभाव से मुक्त हो चुका है, जिससे शांति और विकास की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं।
400 से ज्यादा सुरक्षा कैंपों ने बदली स्थिति
राज्य के गृह विभाग की ओर से बताया गया कि पिछले एक दशक में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 400 से अधिक पुलिस कैंप स्थापित किए गए। इनमें से 120 से ज्यादा कैंप पिछले दो वर्षों में बनाए गए, जिससे दूर-दराज इलाकों तक सुरक्षा पहुंच पाई।
अब कैंप बनेंगे विकास के नए केंद्र
अब जब नक्सली गतिविधियों में कमी आई है, तो इन कैंपों का उपयोग सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। योजना के तहत इन्हें स्कूल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। कई कैंप पहले से ही एकीकृत विकास केंद्र के रूप में काम कर रहे हैं।
सीमावर्ती इलाकों में घटा नक्सल प्रभाव
बताया गया कि बस्तर के सीमावर्ती क्षेत्रों में अब केवल 35-40 माओवादी कैडर ही सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों को इस अभियान में आधुनिक तकनीकी सहयोग भी मिला, जिसमें ISRO, NTRO, ITBP और NSG जैसी एजेंसियों की अहम भूमिका रही।
आत्मसमर्पण से मिला अभियान को बल
इसी बीच माओवादी संगठन के शीर्ष कमांडर पापा राव ने अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि बताया है और कहा है कि पुनर्वास योजनाओं के जरिए मुख्यधारा में वापसी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की तैयारी
सरकार का कहना है कि आने वाले समय में बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा। सुरक्षा के साथ-साथ विकास पर फोकस बढ़ाकर क्षेत्र को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है।


