Bilaspur Bird Flu Crisis 2026 : Bilaspur के कोनी स्थित पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू वायरस की पुष्टि के बाद हालात गंभीर हो गए हैं। करीब 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद प्रशासन ने 10 किलोमीटर के दायरे में आने वाले 22 हजार से ज्यादा पक्षियों और 25 हजार अंडों को नष्ट कर दिया है।
लापरवाही के बीच जारी रही सप्लाई
इस पूरे मामले में दो बड़ी लापरवाहियां सामने आई हैं। एक ओर खमतराई इलाके में मरी हुई मुर्गियां फेंकी गईं, तो दूसरी ओर मौत के बाद भी अंडे और चूजों की सप्लाई पूरे संभाग में जारी रही। पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार 14 मार्च के बाद भी अलग-अलग जिलों में सप्लाई होती रही।
कानन पेंडारी जू किया गया बंद
एहतियात के तौर पर Kanan Pendari Zoological Park को 25 मार्च से 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। निगम की टीम ने कई जगह चिकन और अंडे की दुकानों को बंद कराया, लेकिन कुछ इलाकों में फिर से दुकानें खुलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
6 दिन बाद भेजे गए सैंपल, तब हुई पुष्टि
सरकारी पोल्ट्री फार्म में 17 मार्च से पहले ही मुर्गियों की मौत शुरू हो गई थी, लेकिन करीब 6 दिन बाद सैंपल जांच के लिए भेजे गए। रिपोर्ट में बर्ड फ्लू की पुष्टि होते ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की और हजारों पक्षियों को नष्ट किया गया।
डोर-टू-डोर सर्वे और निगरानी तेज
संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 14 टीमों द्वारा देवनंदन नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर सर्वे किया जा रहा है। पूरे परिसर में सैनिटाइजेशन और पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी गई है, साथ ही बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है।
शुरुआती मौतों को किया गया नजरअंदाज
जानकारी के मुताबिक, शुरुआत में करीब 100 मुर्गियों की मौत को गंभीरता से नहीं लिया गया और इसे मौसम परिवर्तन मान लिया गया। बिना जांच बड़ी संख्या में पक्षियों को दफनाया गया, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका और बढ़ गई।
खुले में फेंकी गई मरी हुई मुर्गियां
खमतराई क्षेत्र में ड्रीम सिटी कॉलोनी के पास मरी हुई मुर्गियों को बोरियों में भरकर नाली में फेंकने का मामला भी सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन के दावे के बावजूद सुरक्षित निपटान नहीं किया गया, जिससे बदबू और संक्रमण का खतरा बढ़ गया।
दो दिन में बड़े पैमाने पर कार्रवाई
प्रशासन द्वारा 5 हजार मुर्गियां, 5 हजार बटेर, 600 बतख, 17 हजार चूजे और 20 हजार अंडे नष्ट किए गए। इसके अलावा हैचरी में रखी सामग्री और दवाइयों को भी नष्ट किया गया। अब तक कुल 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों और 79 क्विंटल दाने को नष्ट किया जा चुका है।


