सीजी भास्कर, 26 मार्च। छत्तीसगढ़ की राजधानी Raipur में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश (Fake Call Center Scam India) हुआ है। एंटी क्राइम और साइबर यूनिट की कार्रवाई में तीन अवैध कॉल सेंटरों पर एक साथ छापा मारकर 42 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि शहर में बैठकर विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाला संगठित गिरोह लंबे समय से सक्रिय था।
कैसे बिछाया जाता था ठगी का जाल
जांच में सामने आया है कि आरोपी विदेशों, खासकर अमेरिका के लोगों को कॉल करते थे और उन्हें सस्ते लोन, सिबिल स्कोर सुधार या फ्रॉड ट्रांजैक्शन ठीक करने का झांसा देते थे। बातचीत के दौरान पीड़ितों का भरोसा जीतकर उनसे बैंकिंग डिटेल हासिल की जाती थी। इसके बाद गिरोह का असली खेल शुरू होता था, जिसमें उन्हें अलग-अलग चार्ज के नाम पर पैसे देने के लिए तैयार किया जाता था।
टेक्नोलॉजी और स्क्रिप्ट से चल रहा था पूरा नेटवर्क
पूरे रैकेट को बेहद प्रोफेशनल तरीके से ऑपरेट किया जा रहा था। कॉल सेंटर में बैठे कर्मचारियों को पहले से अंग्रेजी में स्क्रिप्ट दी जाती थी, जिसे पढ़कर वे विदेशी नागरिकों से बात (Fake Call Center Scam India) करते थे। व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए डेटा शेयर होता था और अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी दी गई थी। खास बात यह रही कि गिरोह क्लोन चेक और बैंकिंग सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठाकर पहले खातों में छोटी रकम डालता था, जिससे सामने वाला व्यक्ति भरोसे में आ जाता था।
गिफ्ट कार्ड के जरिए किया जाता था पैसा ट्रांसफर
जब पीड़ित को यकीन हो जाता था, तब उससे “सेवा शुल्क” या “प्रोसेसिंग फीस” के नाम पर पैसे मांगे जाते थे। लेकिन यह रकम सीधे नहीं ली जाती थी, बल्कि एप्पल, गूगल और अमेजन जैसे गिफ्ट कार्ड के रूप में मंगाई जाती थी। इसके बाद एक अलग टीम इन गिफ्ट कार्ड्स को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए कैश में बदल देती थी और हवाला के जरिए रकम मास्टरमाइंड तक पहुंचा दी जाती थी।
अहमदाबाद से लेकर विदेश तक फैला नेटवर्क
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का मास्टरमाइंड गुजरात के अहमदाबाद में बैठा हुआ है, जबकि टेक्निकल सपोर्ट और रिडीम करने वाली टीम के कुछ सदस्य विदेशों में सक्रिय हैं। इस तरह यह पूरा नेटवर्क देश और विदेश के बीच तालमेल बनाकर काम कर रहा था।
दो जगहों पर एक साथ रेड, भारी मात्रा में सामान जब्त
Raipur Police की टीम ने सुभाष नगर स्थित पिथालिया कॉम्प्लेक्स और न्यू राजेंद्र नगर के अंजनी टॉवर में एक साथ दबिश दी। छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद (Fake Call Center Scam India) किए गए, जिनमें मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और नेटवर्क डिवाइस शामिल हैं। इन सभी का इस्तेमाल साइबर ठगी को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।


