रायगढ़ जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर नया हथकंडा अपनाते हुए रिटायर्ड शिक्षक को निशाना बनाया। Digital Arrest Scam के नाम पर डर और दबाव बनाकर ठगों ने करीब 23 लाख रुपये ऐंठ लिए। घटना के बाद से इलाके में हड़कंप है, वहीं पुलिस भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है।
- ‘CBI जांच’ का डर दिखाकर फंसाया, Cyber Fraud का खतरनाक तरीका
- 6 दिन, कई ट्रांजैक्शन, Online Scam का पूरा प्लान
- धमकी के बाद टूटी चुप्पी, Police Investigation हुई शुरू
- 17 लाख रुपये होल्ड, बैंगलुरु से दो आरोपी गिरफ्तार
- देश-विदेश से ऑपरेट हो रहा था गिरोह
- नए-नए तरीके, लोगों को बनाया जा रहा निशाना
- सतर्कता ही बचाव, पुलिस की अपील
‘CBI जांच’ का डर दिखाकर फंसाया, Cyber Fraud का खतरनाक तरीका
पीड़ित को अलग-अलग नंबरों से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया गया। उन्हें कहा गया कि उनके नाम से मुंबई में संदिग्ध बैंक खाता खुला है और वे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस सकते हैं। इस पूरे Cyber Fraud में ठगों ने “गोपनीय जांच” का हवाला देकर पीड़ित को मानसिक दबाव में रखा।
6 दिन, कई ट्रांजैक्शन, Online Scam का पूरा प्लान
लगातार कॉल, वीडियो मैसेज और व्हाट्सएप चैट के जरिए पीड़ित को विश्वास में लिया गया। डर के माहौल में उन्होंने यूपीआई, पेटीएम और आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कर दिए। करीब 6 दिनों में यह Online Scam अंजाम तक पहुंच गया और 23 लाख से ज्यादा की रकम निकल गई।
धमकी के बाद टूटी चुप्पी, Police Investigation हुई शुरू
जब ठगों ने पैसे लेने के बाद भी धमकाना शुरू किया, तब पीड़ित ने परिवार को पूरी बात बताई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलते ही Police Investigation शुरू हुई और तकनीकी जांच के जरिए संदिग्ध खातों को ट्रैक किया गया।
17 लाख रुपये होल्ड, बैंगलुरु से दो आरोपी गिरफ्तार
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपियों के खातों में जमा 17 लाख रुपये से ज्यादा की राशि होल्ड कराई। डिजिटल ट्रेल के आधार पर टीम बैंगलुरु पहुंची, जहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए हैं।
देश-विदेश से ऑपरेट हो रहा था गिरोह
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि यह ठगी सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं थी। गिरोह का नेटवर्क कर्नाटक के अलावा विदेश, खासकर दुबई से भी जुड़ा हुआ है। मास्टरमाइंड विदेश में बैठकर पूरे ऑपरेशन को कंट्रोल कर रहा था।
नए-नए तरीके, लोगों को बनाया जा रहा निशाना
पुलिस के अनुसार यह गिरोह डिजिटल अरेस्ट, आधार-सिम लिंकिंग, क्रिप्टो निवेश और फर्जी लोन ऐप्स जैसे तरीकों से लोगों को फंसा रहा था। बरामद मोबाइल फोन और डेटा की जांच से और भी मामलों के खुलने की संभावना है।
सतर्कता ही बचाव, पुलिस की अपील
इस घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, खासकर जांच एजेंसी के नाम पर आने वाले कॉल से सावधान रहें। कोई भी अधिकारी फोन या ऑनलाइन माध्यम से पैसे नहीं मांगता, ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए।



