सीजी भास्कर, 2 अप्रैल। हिंदू समुदाय की बढ़ती धार्मिक आवश्यकताओं (Singapore Hindu Temple) को देखते हुए Singapore सरकार ने एक नए मंदिर निर्माण के लिए जमीन आवंटित की है। यिशुन एवेन्यू-3 क्षेत्र में बनने वाला यह मंदिर Sri Guruvayurappan Ayyappan Temple के नाम से जाना जाएगा और इसके निर्माण की शुरुआत अगस्त या सितंबर 2026 में होने की संभावना है।
भगवान कृष्ण और अय्यप्पा को होगा समर्पित
यह मंदिर मुख्य रूप से भगवान गुरुवायूरप्पन (भगवान कृष्ण का स्वरूप) और भगवान अय्यप्पा को समर्पित होगा। खास बात यह है कि सिंगापुर में अब तक इन दोनों देवताओं के लिए अलग से कोई विशेष मंदिर नहीं था। मंदिर में केरल के पारंपरिक पुजारियों को आमंत्रित करने की योजना है, जिनमें सबरीमला से जुड़े पुजारी भी शामिल हो सकते हैं। इससे यह मंदिर मलयाली समुदाय के लिए खास धार्मिक केंद्र बन जाएगा।
मलयाली समुदाय की लंबे समय से थी मांग
इस परियोजना को लंबे समय से सिंगापुर में रहने वाले भारतीय, विशेष रूप से मलयाली समुदाय, की मांग माना (Singapore Hindu Temple) जा रहा था। देश के गृह मंत्री के. शणमुगम ने भी इस पहल को सभी हिंदू श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल मलयाली ही नहीं, बल्कि तमिल, उत्तर भारतीय और अन्य समुदायों के लिए भी आस्था का केंद्र बनेगा।
केरल शैली में होगा मंदिर का निर्माण
मंदिर की डिजाइन पारंपरिक दक्षिण भारतीय गोपुरम शैली से अलग होगी और केरल की वास्तुकला पर आधारित होगी। इसमें प्राकृतिक वेंटिलेशन और खुलेपन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही परिसर में मल्टी-पर्पज हॉल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए अलग स्थान भी बनाया जाएगा, जिससे यह केवल पूजा स्थल ही नहीं बल्कि सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र भी बनेगा।
अन्य देवी-देवताओं की भी होगी पूजा
इस मंदिर में मुख्य देवताओं के अलावा अन्य देवी-देवताओं की पूजा की भी व्यवस्था रहेगी। इसे इस तरह विकसित किया जाएगा कि यह सभी हिंदू श्रद्धालुओं की धार्मिक जरूरतों को पूरा (Singapore Hindu Temple) कर सके। साथ ही यह मंदिर उन भक्तों के लिए भी उपयोगी होगा, जो भारत के प्रसिद्ध Sabarimala Temple की यात्रा की तैयारी करते हैं।
सिंगापुर में भारतीय समुदाय की मजबूत उपस्थिति
करीब 60 लाख की आबादी वाले सिंगापुर में भारतीय मूल के लोगों की संख्या लगभग 7 प्रतिशत है। ऐसे में यह मंदिर वहां के हिंदू समुदाय के लिए एक बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बन सकता है। यह नया मंदिर सिंगापुर का 25वां हिंदू मंदिर होगा, जो वहां की सांस्कृतिक विविधता और धार्मिक सहअस्तित्व को और मजबूत करेगा।


