Iran Israel Conflict 2026 : मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने खाड़ी देशों और जॉर्डन के 8 महत्वपूर्ण पुलों की एक सूची जारी करते हुए उन्हें तबाह करने की सीधी धमकी दी है। ईरान का मानना है कि ये पुल रणनीतिक रूप से बेहद अहम हैं और इनके टूटने से कई देशों की कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी। ईरान की इस धमकी के बाद कुवैत, यूएई, सऊदी अरब और जॉर्डन जैसे देशों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
इन 8 पुलों पर मंडरा रहा है खतरा
ईरान की ओर से जारी लिस्ट में विश्व प्रसिद्ध और इंजीनियरिंग के बेजोड़ नमूनों को शामिल किया गया है:
- कुवैत: शेख जाबेर अल-अहमद समुद्री पुल।
- UAE: शेख जायद ब्रिज, अल मकता ब्रिज और शेख खलीफा ब्रिज।
- सऊदी अरब-बहरीन: किंग फहद कॉजवे (दो देशों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग)।
- जॉर्डन: किंग हुसैन ब्रिज, डामिया ब्रिज और अबदून ब्रिज।
₹3,800 करोड़ के ईरानी पुल की तबाही का बदला
ईरान का यह आक्रामक रुख गुरुवार को हुए एक भीषण हमले के बाद सामने आया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के करज शहर में स्थित ‘B1 ब्रिज’ पर दो बार हवाई हमले किए, जिसमें यह पुल पूरी तरह जमींदोज हो गया। इस हमले में दो लोगों की मौत की भी खबर है।
महत्वपूर्ण तथ्य: यह पुल इसी साल शुरू हुआ था और 136 मीटर की ऊंचाई के साथ इसे मिडिल ईस्ट का सबसे ऊंचा पुल माना जाता था। इसके निर्माण में करीब 400 मिलियन डॉलर (₹3,800 करोड़) की लागत आई थी।
होर्मुज संकट पर भारत का सख्त रुख: “हमने अपने नाविक खोए हैं”
एक ओर जहां युद्ध की धमकियां मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए ब्रिटेन की पहल पर 60 से अधिक देशों की ऑनलाइन बैठक हुई। इस बैठक में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बेहद कड़े शब्दों में अपना पक्ष रखा।
- भारतीयों की शहादत: विदेश सचिव ने कहा कि इस संकट में अब तक केवल भारत ही वह देश है जिसने अपने नागरिकों को खोया है।
- आंकड़े: रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संघर्ष और जहाजों पर हमलों के कारण अब तक 3 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है। ये सभी नाविक अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर तैनात थे।
भारत ने स्पष्ट किया है कि समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि निर्दोष नाविकों की जान बचाने के लिए भी अनिवार्य है।


