Kanker Narayanpur Border News : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने एक बार फिर नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर चलाए जा रहे एक संयुक्त सर्च ऑपरेशन के दौरान जवानों ने दो अत्यंत शक्तिशाली इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए हैं। समय रहते इन विस्फोटकों का पता चलने से एक बड़ा हादसा टल गया और सुरक्षाबलों के जवानों की जान बच गई।
संयुक्त सर्च ऑपरेशन में मिली कामयाबी
यह सफल कार्रवाई थाना परतापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मुरूसुलनापा के घने जंगलों और पहाड़ी इलाकों में की गई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) की एक संयुक्त टीम इलाके की सर्चिंग पर निकली थी। इसी दौरान जवानों को मिट्टी के नीचे संदिग्ध हलचल दिखी, जिसके बाद सघन जांच में विस्फोटक बरामद हुए।
5-5 किलोग्राम के ‘प्रेशर कुकर’ बम
जांच के दौरान जवानों को 5-5 किलोग्राम वजन के दो प्रेशर कुकर आईईडी मिले। नक्सलियों ने इन्हें जमीन के अंदर दबाकर ‘प्रेशर मैकेनिज्म’ से जोड़ा था, ताकि जवानों के पैर पड़ते ही जोरदार धमाका हो सके। ये विस्फोटक इतने शक्तिशाली थे कि इनके फटने से बड़े पैमाने पर जनहानि हो सकती थी।
बम निरोधक दस्ते ने किया डिफ्यूज
IED की बरामदगी के बाद तत्काल BSF के बम निरोधक दस्ते (BDDS) को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की टीम ने सावधानी बरतते हुए दोनों विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से जंगल में ही धमाका कर नष्ट (डिफ्यूज) कर दिया। विस्फोट की गूंज से पूरा इलाका थर्रा उठा, जिससे इन बमों की तीव्रता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इलाके में सर्चिंग तेज
इस घटना के बाद कांकेर और नारायणपुर की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। जवानों ने अंदेशा जताया है कि इलाके में और भी विस्फोटक छिपे हो सकते हैं, जिसके चलते सर्च ऑपरेशन को और अधिक सघन कर दिया गया है। नक्सलियों की इस कायराना हरकत के बाद सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं।


