Durg Railway Job Scam : छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में रेलवे में सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने का एक और मामला सामने आया है। एक जालसाज ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताकर एक युवक से 7 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बड़े अधिकारियों से पहचान का दिया झांसा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी सतीश कुमार मरकाम (निवासी ग्राम खोरपा, पाटन) ने मरोदा क्षेत्र के निवासी खिलेश्वर साहू को अपना शिकार बनाया। सतीश ने खिलेश्वर को विश्वास दिलाया कि वह दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) में ‘वेल्डर ग्रेड-3’ के पद पर कार्यरत है और विभाग के बड़े अधिकारियों से उसके घनिष्ठ संबंध हैं। उसने दावा किया कि वह रेलवे में आसानी से नौकरी लगवा सकता है।
घर जाकर लिए 7 लाख नकद
ठगी की योजना के तहत आरोपी 10 फरवरी 2022 को पीड़ित के घर पहुंचा। वहां पीड़ित की पत्नी की मौजूदगी में उसने 7 लाख रुपये नकद लिए। भरोसा जीतने के लिए आरोपी ने निम्नलिखित कदम उठाए:
- गारंटी: उसने वादा किया कि 7 महीने के भीतर या तो नौकरी लग जाएगी या पूरे पैसे वापस कर दिए जाएंगे।
- कोरे चेक: सुरक्षा के तौर पर उसने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (पाटन शाखा) के तीन कोरे चेक भी पीड़ित को थमा दिए।
न नौकरी मिली, न पैसे लौटे
निर्धारित समय बीत जाने के बाद जब खिलेश्वर की नौकरी नहीं लगी, तो उसने अपने पैसे वापस मांगे। आरोपी सतीश लगातार टालमटोल करता रहा। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने एक लिखित समझौता पत्र (इकरारनामा) भी निष्पादित किया, जिसमें उसने पैसे लेने की बात स्वीकार की, लेकिन इसके बावजूद उसने रकम नहीं लौटाई।
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी
धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (420 IPC) और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। तकनीकी साक्ष्यों और पीड़ित के बयानों के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर सतीश कुमार मरकाम को धर दबोचा। अदालत में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।


