सीजी भास्कर, 08 अप्रैल। आज से ठीक 11 साल पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुद्रा योजना की शुरुआत (Mudra Loan 11 Years Completion) की थी, तब मकसद बहुत सीधा था—उन लोगों की मदद करना जिनके पास हुनर तो है लेकिन बिजनेस शुरू करने के लिए जेब में पैसा नहीं। आज यह योजना 11 साल की हो गई है और इसके आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि इसने देश में छोटे कारोबारियों की किस्मत बदल दी है। अब तक सरकार इस योजना के तहत 40.07 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम लोन बांट चुकी है।
बैंकों के चक्करों से मिली आज़ादी (Mudra Loan 11 Years Completion)
मुद्रा योजना की सबसे बड़ी जीत यह है कि इसने आम आदमी को ‘बिना गारंटी’ लोन दिलाना मुमकिन कर दिया। पहले छोटे दुकानदार या नया काम शुरू करने वाले लोग बैंकों के चक्कर काटते रह जाते थे, लेकिन अब 50 हजार से लेकर 20 लाख रुपये तक का लोन आसानी से मिल रहा है। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि इस योजना ने करोड़ों लोगों को सिर्फ सपना देखना ही नहीं, बल्कि उन्हें हकीकत में बदलना भी सिखाया है।
महिलाएं बनीं बिजनेस की ‘कमांडो’
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जो जानकारी साझा की है, वह चौंकाने वाली है। मुद्रा योजना का सबसे ज्यादा फायदा देश की महिलाओं (Mudra Loan 11 Years Completion) ने उठाया है। कुल बांटे गए लोन में से करीब 67 प्रतिशत यानी दो-तिहाई हिस्सा महिला उद्यमियों के नाम रहा। यह आंकड़ा साफ बताता है कि अब महिलाएं घर के चूल्हे-चौके से निकलकर खुद का छोटा या बड़ा बिजनेस खड़ा कर रही हैं और दूसरों को रोजगार भी दे रही हैं।
नए उद्यमियों की निकली लॉटरी
इस योजना ने सिर्फ पुराने बिजनेस को नहीं बढ़ाया, बल्कि 12 करोड़ से ज्यादा ऐसे लोग सामने (Mudra Loan 11 Years Completion) आए हैं जिन्होंने पहली बार अपनी दुकान या स्टार्टअप शुरू किया है। इनमें से आधे से ज्यादा (51%) लाभार्थी अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखते हैं। वित्त मंत्री का कहना है कि 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की दौड़ में ये छोटे उद्यमी सबसे मजबूत कड़ी साबित होंगे।


