सीजी भास्कर, 29 मई। केरल में वंदे मातरम के कथित अपमान को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश की जनता ऐसे किसी भी व्यक्ति या दल को बर्दाश्त नहीं करने वाली है, जो वंदे मातरम या भारत माता का अपमान करते हैं। जिन्हें भारत माता की जय’ बोलने से परहेज है, उनका देश में क्या हश्र हो रहा है, यह आज पूरा देश देख रहा है। (CM’s statement on Vande Mataram controversy)
क्या है पूरा मामला ? : CM’s statement on Vande Mataram controversy
दरअसल, केरल पुलिस बैंड ने 26 मई को राज्य विधानसभा सत्र के दौरान वंदे मातरम का सिर्फ शुरुआती हिस्सा बजाया, जबकि लोक भवन ने गुरुवार को पूर्वाभ्यास के दौरान पूरा राष्ट्रगीत बजाने के निर्देश दिए थे। इस निर्देश को राज्य सरकार ने अस्वीकार करते हुए सिर्फ शुरुआती हिस्सा बजाने की पुरानी परंपरा का पालन किया था।
मीसाबंदियों को पेंशन पर सियासत
वहीं कांग्रेस की ओर से मीसाबंदियों की पेंशन को लेकर दिए बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस ने इस पर भाजपा को आड़े हाथ लेते हुए कहा था कि मीसाबंदियों की पेंशन भाजपा को अपने फंड से देनी चाहिए। कांग्रेस के इस बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पलटवार करते हुए देश में इमरजेंसी की याद दिलाई है।
CM साय ने क्या कहा ?
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जो कांग्रेस आज संविधान की बात करती है, उसी ने 1975 में संविधान को ताक पर रखकर देश में इमरजेंसी लागू किया था। गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेल में ठूंस दिया गया, जिससे अनगिनत परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया। इस सब का दोषदार और जिम्मेदार कांग्रेस पार्टी है। हम ऐसे मीसाबंदियों का सम्मान करते हैं और कांग्रेस को इस पर कुछ भी बोलने का कोई अधिकार नहीं है। कांग्रेस मुद्दाविहीन है।
राष्ट्रीय आम महोत्सव का भव्य शुभारंभ : CM’s statement on Vande Mataram controversy
राजधानी रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय स्थित कृषि मंडपम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय आम महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यपाल के करकमलों से शुरू हुए इस महोत्सव में आम की 250 से अधिक प्रजातियों की प्रदर्शनी (एग्जीबिशन) लगाई गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आम जनता से अपील की है कि वे समय निकालकर इस अनूठी प्रदर्शनी को देखने जरूर आएं।




