सीजी भास्कर, 09 अप्रैल। छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो (Chhattisgarh Cabinet Meeting) गई है क्योंकि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली के अपने महत्वपूर्ण दौरे से लौटते ही मंत्रिपरिषद की एक बड़ी बैठक बुला ली है। यह बैठक आगामी 15 अप्रैल 2026 को राजधानी रायपुर के नया रायपुर स्थित मंत्रालय ‘महानदी भवन’ में आयोजित की जाएगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली यह कैबिनेट मीटिंग सुबह 11:30 बजे मंत्रालय के मंत्रिपरिषद कक्ष एम-5/20 में शुरू होगी। इस बैठक को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि सीएम साय हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर लौटे हैं, जिसके बाद अब राज्य में बड़े प्रशासनिक और नीतिगत बदलावों की उम्मीद की जा रही है।
बस्तर के विकास और नई योजनाओं पर लग सकती है मुहर (Chhattisgarh Cabinet Meeting)
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी को बस्तर के विकास का जो विस्तृत रोडमैप सौंपा था, माना जा रहा है कि इस कैबिनेट बैठक में उसे अमलीजामा पहनाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सरकार का पूरा ध्यान अब नक्सलवाद के खात्मे के बाद उन इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को बहाल करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर है।
ऐसे में 15 अप्रैल की इस बैठक में बस्तर से जुड़ी विशेष परियोजनाओं और मानसून से पहले की तैयारियों को लेकर बड़े प्रस्तावों को हरी झंडी मिल सकती है। इसके साथ ही, सरकारी महकमों में कसावट लाने और आम जनता से जुड़ी नई योजनाओं के ऐलान को लेकर भी मंत्रियों के बीच गहन चर्चा होने की संभावना है।
प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव और चुनावी रणनीति की आहट
कैबिनेट की इस बैठक में केवल विकास कार्य (Chhattisgarh Cabinet Meeting) ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक फेरबदल और आगामी चुनौतियों पर भी बात हो सकती है। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री दिल्ली से जो विजन लेकर आए हैं, उसे लागू करने के लिए कुछ कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
बैठक में असम चुनाव की स्थिति और राज्य के भीतर संगठन की मजबूती पर भी अनौपचारिक चर्चा हो सकती है। चूंकि मानसून करीब है, इसलिए खाद-बीज की उपलब्धता और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर भी सरकार अपनी रणनीति साफ कर सकती है। कुल मिलाकर, 15 अप्रैल की यह बैठक साय सरकार की भविष्य की दिशा और दशा तय करने वाली साबित होगी, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।


